7 साल से जिम्मेदारी नहीं निभाई गई… देवघर पहुंचते ही निशिकांत दुबे ने श्राइन बोर्ड पर उठाए बड़े सवाल, सरकार पर निशाना साधा

देवघर पहुंचे सांसद निशिकांत दुबे ने बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा के बाद ऐसा बयान दिया, जिससे झारखंड की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई। उन्होंने श्राइन बोर्ड की बैठक न होने, अधूरी परियोजनाओं और मंदिर व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठाए।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 25 July 2026, 7:47 PM IST

Deoghar: विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने पूजा-अर्चना के बाद झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने श्राइन बोर्ड की कार्यप्रणाली, मंदिर प्रबंधन और विकास योजनाओं को लेकर कई सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले सात वर्षों में श्राइन बोर्ड की नियमित बैठक नहीं हुई, जबकि इसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होते हैं।

"बैठक की उम्मीद लेकर आया था"

निशिकांत दुबे ने कहा कि वह खास तौर पर श्राइन बोर्ड की बैठक में शामिल होने की मंशा से देवघर पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि इस बैठक में बाबा बैद्यनाथ धाम के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, पंडा समाज की समस्याओं, स्थानीय व्यापारियों के हित और मंदिर की व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। लेकिन बैठक नहीं होने से उन्हें निराशा हुई।

उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक बैठक नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता और जवाबदेही की कमी को दिखाता है। उन्होंने कहा कि अगर समय-समय पर बैठक होती, तो कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते थे।

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"राजनीति नहीं, जवाबदेही चाहता हूं"

सांसद ने कहा कि वह बाबा बैद्यनाथ के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन आस्था से जुड़े मामलों में सभी को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अहंकार छोड़कर इस उम्मीद से आए थे कि वर्षों बाद श्राइन बोर्ड की बैठक होगी और मंदिर के विकास को लेकर ठोस फैसले होंगे। लेकिन ऐसा नहीं होने से उन्हें निराशा हुई।

अधूरी परियोजनाओं पर भी उठाए सवाल

निशिकांत दुबे ने देवघर में चल रही विकास योजनाओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की सहायता से बन रहा क्यू कॉम्प्लेक्स अब तक पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ा विषय है। न्यायालय के निर्देशों का भी पूरी गंभीरता से पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

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"बैठक होगी तो कई अधिकारी बेनकाब होंगे"

सांसद ने दावा किया कि मुख्यमंत्री श्राइन बोर्ड की बैठक इसलिए नहीं करा रहे क्योंकि बैठक होने पर मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई मामलों की समीक्षा होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि समीक्षा होने पर कई अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकती है। उन्होंने मंदिर में हुई कथित चोरी की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि पूरे मामले में पारदर्शिता जरूरी है। उनके अनुसार, श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े संस्थान में हर व्यवस्था पूरी तरह साफ और जवाबदेह होनी चाहिए।

श्रावणी मेले को लेकर भी दिया बयान

श्रावणी मेले का जिक्र करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि यह आस्था का सबसे बड़ा पर्व है और इसकी सफलता बाबा बैद्यनाथ की कृपा से होती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालु हर साल देवघर पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन को व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं छोड़नी चाहिए।

Location :  Deoghar

Published :  25 July 2026, 7:47 PM IST