
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Img: Google)
New Delhi: राजधानी दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आज विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक चल रही है। इसी बैठक के बीच बंगाल की सत्ता गंवाने वाली पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा सियासी झटका लगा है। राज्य सभा सांसद और टीएमसी के सीनियर नेता सुखेंदु शेखर ने ममता बनर्जी की तृणमूल पार्टी छोड़ दी है।
सुखेंदु शेखर के अलावा टीएमसी के कई नेता भाजपा के संपर्क में बताये जाते हैं, जिसके बाद ममता बनर्जी को सोमवार को दोहरा झटका लग सकता है। दिल्ली में 14 सांसदों के भाजपा नेता भूपेन्द्र यादव से मुलाकात करने की खबरें है। टीएमसी के ये बागी नेता बंगाल के सीएम शुभेन्दु अधिकारी के साथ भूपेन्द्र यादव से मिलेंगे। इस मुलाकात को लेकर सियासी तापमान बढ़ा हुआ है।
सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सांसद के पद से भी इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी के लिये यह बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है क्योंकि सुखेंदु शेखर लंबे समय तक ममता बनर्जी के बेहद करीबी और सहयोगी रहे।
सुखेंदु शेखर ने ठीक ऐसे समय टीएमसी से त्यागपत्र दिया जब कल ही बंगाल से विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा था कि टीएमसी के कई सांसद कई उनके संपर्क में हैं और वे जल्द टीएमसी छोड़ सकते हैं। उनके इस दावे से टीएमसी में खलबली मची हुई है और टीएमसी समेत बंगाल का सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस पार्टी के भीतर भारी बगावत का सामना कर रही है, जिससे पार्टी के टूटने का बड़ी खतरा पैदा हो गया है। ऋतब्रत बनर्जी का दावा और सुखेंदु शेखर का पार्टी छोड़ने का फैसला और कुछ सांसदों के भाजपा नेता से मुलाकात करना टीएमसी के बड़ा घातक साबित हो सकता है।
हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि सुखेंदु शेखर किस पार्टी में शामिल होंगे। लेकिन अटकलें हैं कि वे भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 8 June 2026, 1:50 PM IST