बिना FIR के क्या आगे बढ़ सकती है मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई? नेशनल हेराल्ड केस में ED बनाम कांग्रेस की आर-पार की जंग

नेशनल हेराल्ड मामले में क्या निजी शिकायत के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच आगे बढ़ सकती है? इसी कानूनी सवाल पर ईडी और कांग्रेस नेताओं की दलीलें आमने-सामने हैं।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 12 October 2026, 7:31 PM IST
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New Delhi: नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और कांग्रेस नेताओं के बीच कानूनी विवाद जारी है। मामले में ईडी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ दाखिल अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया गया था। विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि क्या मूल अपराध से संबंधित पुलिस एफआईआर के बिना मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।

निजी शिकायत को लेकर ED की दलील

ईडी का कहना है कि निचली अदालत ने कानून की व्याख्या में गलती की। एजेंसी के मुताबिक, यदि सक्षम मजिस्ट्रेट किसी निजी शिकायत पर संज्ञान ले चुका है, तो इसे मूल अपराध के अस्तित्व से जुड़े पहलू के तौर पर देखा जाना चाहिए। इसी आधार पर ईडी ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है।

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कांग्रेस नेताओं ने उठाया कानूनी सवाल

सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से ईडी की याचिका का विरोध किया गया है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई के लिए संबंधित अनुसूचित अपराध से जुड़ी कानूनी शर्तों का पूरा होना जरूरी है। उन्होंने ईडी की याचिका को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए इसे खारिज करने की मांग की है।

AJL और यंग इंडियन से जुड़ा है मामला

नेशनल हेराल्ड मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) और यंग इंडियन कंपनी से संबंधित है। AJL नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन करती थी। आरोपों के अनुसार, कांग्रेस द्वारा AJL को दिए गए ऋण और बाद में यंग इंडियन के जरिए उसकी संपत्तियों पर नियंत्रण से जुड़े लेनदेन में अनियमितताएं हुईं। ये आरोप न्यायिक प्रक्रिया का विषय हैं और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

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निचली अदालत ने क्यों किया था संज्ञान लेने से इनकार?

दिसंबर 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी की अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। अदालत के आदेश में यह पहलू अहम था कि मामला सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत से जुड़ा था, न कि पुलिस एफआईआर से। ईडी ने इसी कानूनी आधार को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया।

Location :  New Delhi

Published :  12 October 2026, 7:31 PM IST

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