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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन की ओर से 'पब्लिक इंपीचमेंट' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मॉक संसद के माध्यम से यह कार्यक्रम हो रहा है। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी प्रक्रिया और नागरिकों के मताधिकार को लेकर केंद्र सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए।
खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि देश के नागरिकों के वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौजवानों, गरीबों और महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, दिल्ली में कंप्यूटर पर बैठकर लोगों के नाम डिलीट किए जा रहे हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने के लिए हर संभव तरीका अपनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि सांसदों को तोड़ा गया, राजनीतिक दलों में विभाजन कराया गया और सरकारें गिराई गईं। खरगे ने इलेक्टोरल बॉन्ड, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब मतदाताओं के वोट भी प्रभावित किए जा रहे हैं। खरगे ने कहा कि वोट चोरी के सैकड़ों उदाहरण मौजूद हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में यह प्रक्रिया आसान हुई है।
वोटर लिस्ट से नाम कटने का मुद्दा अब जन महाभियोग कार्यक्रम में भी उठने जा रहा है. जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, वे भी इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी बात रखेंगे. देखिए हमारी ग्राउंड रिपोर्ट.
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) October 31, 2026
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से जुड़े दिसंबर 2023 में पारित कानून पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक विपक्ष के 145 सांसदों के निलंबन के बाद पारित किया गया था।
खरगे के मुताबिक, इस कानून के जरिए चुनाव आयुक्तों को ऐसा कानूनी संरक्षण दिया गया है, जो राष्ट्रपति या भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी प्राप्त नहीं है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी निष्पक्षता के लिहाज से गंभीर विषय बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशों पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सीईसी को पद से हटाने का प्रस्ताव लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में पेश किया था, लेकिन उस पर नोटिस नहीं लिया गया।
खरगे ने कहा कि विपक्ष का सीईसी से कोई निजी बैर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह पहल किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के उद्देश्य से की गई है।
अपने संबोधन में खरगे ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं, गरीबों और महिलाओं के मताधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित इस मॉक संसद में चुनाव आयोग की भूमिका, मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने अपना पक्ष रखा।
खरगे के सभी आरोप विपक्ष के राजनीतिक दावों का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
Location : New Delhi
Published : 31 October 2026, 4:50 PM IST
Topics : Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar india alliance Indian politics Mallikarjun Kharge