6 दिन में बदला मायावती का फैसला! ईशान आनंद के बाद अब दीपिका की एंट्री, BSP में फिर बदला प्लान

बसपा प्रमुख मायावती ने अपने परिवार को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। दीपिका आनंद को पार्टी की जिम्मेदारी से दूर रखने और ईशान आनंद को संगठन में सम्मानजनक जिम्मेदारी देने की बात कही गई है। इससे पहले मायावती ने दोनों भतीजों को जिम्मेदारी न देने और दीपिका के लिए रास्ता खुला रखने का फैसला किया था।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 20 September 2026, 2:10 PM IST

Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने परिवार और पार्टी संगठन को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। करीब एक सप्ताह पहले जिस दीपिका आनंद के लिए उन्होंने पार्टी में जिम्मेदारी का रास्ता खुला रखा था, अब उन्हें भी पार्टी की किसी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया गया है। वहीं, मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के बेटे ईशान आनंद को एक बार फिर पार्टी संगठन में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की बात कही है।

एक हफ्ते में बदला मायावती का फैसला

मायावती के परिवार को लेकर यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 12 सितंबर को उन्होंने अलग फैसला सुनाया था। तब मायावती ने कहा था कि उनके भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों यानी आकाश आनंद और ईशान आनंद को पार्टी में कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा। उस समय उन्होंने आनंद कुमार की बेटी दीपिका आनंद को जरूरत पड़ने पर संगठन में जिम्मेदारी देने का विकल्प खुला रखा था।

आकाश आनंद को लेकर मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने अपने ताजा बयान में आकाश आनंद को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। इससे पहले सितंबर की शुरुआत में आकाश आनंद को पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाया गया था। 10 सितंबर को मायावती ने कहा था कि आकाश को पार्टी से पूरी तरह अलग कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी आपत्ति जताई थी।

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दीपिका को लेकर क्यों बदला फैसला?

12 सितंबर को मायावती ने कहा था कि अगर उनके भाई आनंद कुमार को संगठन के काम में किसी पारिवारिक सदस्य की मदद की जरूरत हो तो उनकी बेटी दीपिका मदद कर सकती हैं। हालांकि, अब मायावती ने दीपिका को भी पार्टी की जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया है। मायावती ने अपने ताजा बयान में संकेत दिया कि वह परिवार के किसी सदस्य को संगठन में आगे बढ़ाने को लेकर बेहद सावधानी बरत रही हैं।

ईशान आनंद को मिला एक और मौका

मायावती ने अब ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देने की बात कही है। इससे पहले 12 सितंबर को ही उन्होंने कहा था कि ईशान को कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा। ऐसे में ताजा फैसला उनके लिए पार्टी संगठन में वापसी का रास्ता खोलता है। हालांकि, मायावती ने यह भी साफ किया है कि ईशान के लिए पार्टी में आगे बढ़ने का यह मौका बिना शर्त नहीं है। अगर वह भविष्य में पार्टी विरोधी किसी गंभीर गतिविधि में शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें भी बाहर किया जा सकता है।

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कांशीराम का भी किया जिक्र

मायावती ने अपने फैसले को बसपा संस्थापक कांशीराम की राजनीतिक सोच से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन को बहुजन समाज के हितों के लिए समर्पित किया था। मायावती के मुताबिक, कांशीराम ने भी अपने रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से दूरी बनाए रखी थी। मायावती ने अपने बयान में यह भी बताया कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार लंबे समय से उनके साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े कारणों के चलते उन्हें अपने भाई को साथ रखना पड़ा।

2027 से पहले परिवार का मुद्दा फिर चर्चा में

मायावती के इन लगातार बदलते फैसलों ने बसपा में उत्तराधिकार और संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। सितंबर की शुरुआत से ही आकाश आनंद, ईशान आनंद और दीपिका आनंद को लेकर मायावती के फैसले लगातार सुर्खियों में हैं। 12 सितंबर के अपने बयान में मायावती ने पार्टी संगठन में युवा चेहरों की भागीदारी बढ़ाने की भी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि संगठन में जेन-जी की भागीदारी बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है और आगामी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा पंजाब विधानसभा चुनावों में युवा उम्मीदवारों को मौका देने पर जोर रहेगा।

Location :  Lucknow

Published :  20 September 2026, 2:10 PM IST