
डीके शिवकुमार (Img- Internet)
Bengaluru: कर्नाटक कांग्रेस में बड़े राजनीतिक बदलाव की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। कांग्रेस विधायक दल (CLP) कल यानी शनिवार शाम को बेंगलुरु में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य के नए नेता का चुनाव करना है। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
बैठक की शुरुआत में CLP सबसे पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सेवाओं और उनके नेतृत्व की सराहना करेगी। इसके बाद औपचारिक रूप से डीके शिवकुमार को विधायक दल का नया नेता चुन लिया जाएगा। नेता चुने जाने के बाद नए CLP लीडर के निर्देशों के अनुसार सरकार बनाने और शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी जाएंगी।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण के संभावित दिन और मंत्रिमंडल के गठन को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार ने इस ऐतिहासिक पल के लिए अपने पारिवारिक ज्योतिषी बीएस द्वारकानाथ से सलाह ली है।
ज्योतिषी ने उन्हें रविवार (31 मई), सोमवार (1 जून) और शुक्रवार (5 जून) को बेहद 'शुभ' दिन बताते हुए शपथ ग्रहण के लिए खास समय का सुझाव दिया है। हालांकि, अंतिम तारीख का फैसला कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा। डीके शिवकुमार चाहते हैं कि उनके इस बड़े दिन पर दोनों शीर्ष नेता बेंगलुरु में मौजूद रहें।
Karnataka CM: सिद्धारमैया से ऐसा क्यों बोले डीके शिवकुमार- ‘दूर तक जाना है तो साथ चलना होगा’
डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने के पीछे प्रियंका गांधी वाश्रा का बड़ा समर्थन माना जा रहा है। प्रियंका गांधी के साथ शिवकुमार के संबंध बेहद सौहार्दपूर्ण हैं और कहा जा रहा है कि प्रियंका ने ही आलाकमान के सामने शिवकुमार की दावेदारी को बहुत मजबूती से आगे बढ़ाया था। शिवकुमार के प्रति इस भरोसे की एक बड़ी वजह दो साल पहले हुए लोकसभा चुनावों के दौरान वायनाड सीट पर प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार में शिवकुमार की सक्रिय भागीदारी और कड़ी मेहनत को माना जाता है।
शिवकुमार के करीबी सूत्रों का कहना है कि वे अकेले शपथ नहीं लेंगे, बल्कि उनके साथ पांच अन्य वरिष्ठ नेता भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। पार्टी इसके बाद जातियों, क्षेत्रों और राजनीतिक निष्ठाओं के बीच संतुलन बनाने के लिए व्यापक चर्चा करेगी और फिर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। शिवकुमार ने शुक्रवार को दिल्ली में एआईसीसी नेताओं से मिलकर इस पर मार्गदर्शन भी मांगा है।
वर्तमान में जल संसाधन के साथ-साथ बेंगलुरु विकास विभाग संभाल रहे शिवकुमार 'ब्रांड बेंगलुरु' की छवि को चमकाने के लिए इस अहम विभाग को अपने पास ही रखना चाहते हैं। दूसरी तरफ, सिद्धारमैया भी अपने वफादार विधायकों को बड़ी संख्या में मंत्री पद और मलाईदार विभाग दिलाने के लिए जोरदार पैरवी कर रहे हैं।
डीके शिवकुमार का कद बढ़ने और उनके मुख्यमंत्री बनने का साफ मतलब है कि उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष पद को छोड़ना होगा। कांग्रेस के 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत के तहत नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश तेज हो गई है। इस बेहद महत्वपूर्ण पद की दौड़ में फिलहाल मंत्री ईश्वर खंड्रे और सतीश जारकीहोली का नाम सबसे आगे चल रहा है। आगामी दिनों में पार्टी संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने के लिए आलाकमान जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लगाएगा।
Location : Bengaluru
Published : 29 May 2026, 6:01 PM IST