‘तबादले की सिफारिश लेकर मेरे पास मत आना!’ DK शिवकुमार की दोटूक चेतावनी, 1 नवंबर से लागू होगा नया फरमान

कर्नाटक में तबादलों को लेकर डीके शिवकुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को साफ संदेश दिया कि तबादलों की सिफारिश लेकर उनके पास न आएं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 29 October 2026, 7:40 PM IST

Bengaluru: कर्नाटक में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तबादलों के लिए सिफारिश करने और दबाव बनाने वालों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अब उनका समय तबादलों की मांग सुनने में नहीं, बल्कि सरकारी काम और जनता की समस्याएं सुलझाने में लगना चाहिए।

1 नवंबर से तबादलों पर सख्ती की तैयारी

डीके शिवकुमार ने निर्देश दिया है कि 1 नवंबर से सामान्य और नियमित तबादलों को छोड़कर अन्य तबादलों की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे तबादलों की सिफारिश लेकर उनके पास न आएं।

उनका जोर इस बात पर है कि सरकारी मशीनरी का ध्यान जनसेवा पर होना चाहिए। सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और जनता की शिकायतों का समय पर समाधान हो, यही प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तबादलों के लिए दबाव बनाने या सिफारिश करने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकारी काम छोड़कर तबादलों में न उलझें अधिकारी

शिवकुमार ने अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को सरकारी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अधिकार और प्रभाव का इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए होना चाहिए, न कि मनचाही पोस्टिंग पाने के लिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया या सरकारी काम में लापरवाही बरती गई, तो कार्रवाई की जा सकती है। इस संदेश के जरिए उन्होंने प्रशासनिक कामकाज में जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है।

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तबादलों में रिश्वत के आरोपों से गरमाई राजनीति

कर्नाटक में सरकारी विभागों में तबादलों को लेकर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने पुलिस और शिक्षा विभाग समेत कई विभागों में पोस्टिंग के बदले पैसे लिए जाने के आरोप लगाए हैं। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं।

विपक्ष का दावा रहा है कि कुछ पदों पर तबादलों के लिए कथित तौर पर तय रकम मांगी जाती है। हालांकि, इन आरोपों को साबित करने के लिए संबंधित मामलों के तथ्यों और जांच के नतीजों को देखना जरूरी है। डीके शिवकुमार की ताजा चेतावनी ऐसे समय आई है, जब तबादलों की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

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सिद्धारमैया भी दे चुके हैं चेतावनी

इससे पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी तय समय-सीमा के बाद बिना पूर्व मंजूरी तबादले करने पर सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि नियमों के खिलाफ तबादला आदेश जारी होने पर संबंधित विभागों के प्रमुखों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।

Location :  Bengaluru

Published :  29 October 2026, 7:40 PM IST