UP Politics: पिता 9 बार जीते, बेटी अब संभालेंगी यूपी कांग्रेस की कमान, जानिए कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?

आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल गई है। वह तीन बार की विधायक हैं और कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 October 2026, 9:13 AM IST

Lucknow News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़ा बदलाव हुआ है। पार्टी ने अजय राय की जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस बदलाव के बाद यूपी की राजनीति में मोना का नाम अचानक पहले से ज्यादा चर्चा में आ गया है। वह फिलहाल रामपुर खास से कांग्रेस विधायक और उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता रही हैं।

कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?

आराधना मिश्रा ‘मोना’ प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से कांग्रेस की तीन बार की विधायक हैं। उनका राजनीतिक परिचय सिर्फ उनकी चुनावी जीत तक सीमित नहीं है। वह लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़ी रही हैं और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रही हैं।

मोना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। यही वह राजनीतिक परिवार है, जिसकी पहचान रामपुर खास सीट से लंबे समय से जुड़ी रही है। प्रमोद तिवारी ने 1980 से 2012 तक रामपुर खास से लगातार नौ विधानसभा चुनाव जीते थे। एक ही पार्टी और चुनाव चिह्न से लगातार जीत का उनका रिकॉर्ड भी दर्ज है।

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पिता की सीट से शुरू हुआ अपना सियासी सफर

आराधना मिश्रा ने मुख्यधारा की चुनावी राजनीति में 2013 के उपचुनाव से कदम रखा। प्रमोद तिवारी के राज्यसभा जाने के बाद रामपुर खास सीट खाली हुई और आराधना ने वहां से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। इसके बाद 2017 में उन्होंने भाजपा की मजबूत चुनावी लहर के बीच भी रामपुर खास सीट अपने पास रखी। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को 14,741 वोटों के अंतर से हराकर लगातार तीसरी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया।

यानी जिस सीट से उनके पिता ने लगातार नौ चुनाव जीते, उसी सीट पर अब उनकी बेटी भी अपनी अलग राजनीतिक पहचान बना चुकी हैं।

संगठन में भी निभाई अहम भूमिका

आराधना मिश्रा साल 2000 से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी से जुड़ी रही हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान वह पार्टी की मीडिया अभियान समिति का हिस्सा थीं। बाद में विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता के तौर पर भी उन्होंने पार्टी की आवाज उठाई। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान वह प्रियंका गांधी वाड्रा के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में भी सक्रिय नजर आई थीं।

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हलफनामे में कितनी संपत्ति?

2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, आराधना मिश्रा की कुल घोषित संपत्ति करीब 34.06 करोड़ रुपये थी। इसमें करीब 6.06 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 28 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी। उनके पति की संपत्ति को अलग मिलाकर चल-अचल संपत्तियों का कुल घोषित मूल्य इससे अधिक था। ये आंकड़े 2022 के चुनावी हलफनामे पर आधारित हैं और मौजूदा संपत्ति की स्थिति अलग हो सकती है। हलफनामे में आराधना मिश्रा ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने की जानकारी भी दी थी।

अब सामने है बड़ी जिम्मेदारी

आराधना मिश्रा को ऐसे समय प्रदेश कांग्रेस की कमान मिली है, जब पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। उनके साथ सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

Location :  Lucknow

Published :  3 October 2026, 9:13 AM IST