
अब्दुल्ला आज़म का दो पैन कार्ड विवाद (Img: X)
Prayagraj: प्रयागराज समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम से जुड़े चर्चित दो पैनकार्ड मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। ट्रायल कोर्ट से सजा मिलने के बाद अब्दुल्ला आजम ने राहत की उम्मीद में इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिससे इस बहुचर्चित प्रकरण की सियासी और कानूनी अहमियत और बढ़ गई है।
अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। याचिका में उन्होंने दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा को निलंबित करने और जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की है। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति समित गोपाल की अवकाशकालीन पीठ ने सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार, रामपुर विधायक आकाश सक्सेना, तत्कालीन इंस्पेक्टर ऋषि पाल सिंह और नवाब काजिम अली खान उर्फ नावेद मियां को नोटिस जारी किया। अदालत ने सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
यह पूरा मामला चुनावी नामांकन से जुड़े दस्तावेजों में कथित रूप से एक से अधिक पैनकार्ड के इस्तेमाल और अन्य विसंगतियों के आरोपों से जुड़ा हुआ है। आरोपों की सुनवाई के बाद रामपुर की ट्रायल कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को दोषी मानते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई थी। इसी प्रकरण में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां को भी सजा मिली थी।
मामले की अगली सुनवाई अब 15 जुलाई को होगी। दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन आजम खां की पुनरीक्षण याचिका पर भी सुनवाई निर्धारित है। हाईकोर्ट दोनों मामलों पर एक साथ विचार करेगा, जिस पर राजनीतिक और कानूनी गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं।
अब्दुल्ला आजम की याचिका पर हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत में दाखिल जवाबों और दलीलों के आधार पर आगे क्या फैसला सामने आता है।
Location : Prayagraj
Published : 18 June 2026, 7:47 PM IST