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सहर शेख ने कहा कि उनकी बात को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया गया। उन्होंने कहा कि जैसे केसरिया रंग को हिंदुओं से जोड़ा जाता है, वैसे ही हरा रंग मुसलमानों से जुड़ा माना जाता है, लेकिन इसका मतलब किसी समुदाय को अलग करना नहीं है।
Published : 26 January 2026, 4:15 AM IST