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साध्या की शुरुआत ही देखने में दिलचस्प होती है। केले के पत्ते पर नमक, पका केला, केले के चिप्स, शर्करा वराट्टी, पप्पडम और अलग-अलग अचार रखे जाते हैं। इंजी पुली भी इसका खास हिस्सा होती है। इसके बाद थोरन, मेझुक्कुपुरट्टी, अवियल, ओलन, कालन, एरिसरी, कूटू करी, पचड़ी, किचड़ी और पुलिसरी जैसे व्यंजन परोसे जाते हैं। हर डिश का अपना स्वाद और अपनी खास पहचान होती है, जिससे एक ही पत्ते पर स्वादों की पूरी दुनिया सज जाती है। (Img: Pinterest)
Published : 25 August 2026, 3:31 PM IST