Chaibasa: चाईबासा से सुनसान रातों में तबाही मचाने वाला गैंग बेनकाब
पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने बड़ाजामदा क्षेत्र में छापेमारी कर बाइक चोरी गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन किशोरों को निरुद्ध किया है। इनके कब्जे से चोरी की 7 गाड़ियां बरामद हुई हैं। यह गिरोह चोरी की बाइकों से छिनतई और मारपीट जैसी वारदातों को अंजाम देता था।
चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की पुलिस ने बड़ाजामदा क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने एक शातिर मोटरसाइकिल चोर गिरोह का सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में चोरी की 7 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में गिरोह के तीन मुख्य शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके साथ शामिल तीन कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों को भी हिरासत में लिया गया है। ये अपराधी चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल केवल बेचने के लिए नहीं, बल्कि इलाके में लूटपाट और बड़ी वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे।
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पुलिस मुख्यालय को खुफिया जानकारी मिली थी कि बड़ाजामदा ओपी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ घूम रहे हैं और किसी बड़ी छिनतई या लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही किरीबुरू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनीत कुमार किन्डो के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बड़ाजामदा के टंकीसाई स्थित दयाल कुमार नाग के घर, नोवामुंडी स्थित संदीप पिंगुवा के ठिकाने और बड़ाजामदा लाल बिल्डिंग के पास सुनसान झाड़ियों में एक साथ दबिश दी, जहां से छिपाकर रखी गईं 7 मोटरसाइकिलें और स्कूटी बरामद की गईं।
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पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान दयाल कुमार नाग उर्फ मंगरू (20 वर्ष), संदीप पिंगुवा उर्फ पोटी उर्फ तितली (25 वर्ष) और बॉबी दास (19 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के सरगना दयाल और संदीप पहले भी कई संगीन आपराधिक मामलों में जेल की हवा खा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद इन्होंने किशोरों को बहला-फुसलाकर अपने गिरोह में शामिल किया और फिर से वारदातों को अंजाम देने लगे। पुलिस ने इनके पास से पांच स्प्लेंडर बाइक, एक होंडा लिवो और एक होंडा एक्टिवा स्कूटी जब्त की है। पुलिस ने नए कानून के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गैंग भीड़भाड़ वाले बाजारों और अस्पतालों के बाहर से महज कुछ सेकेंडों में मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर गाड़ियां उड़ा लेता था। चोरी के तुरंत बाद ये लोग गाड़ियों की असली नंबर प्लेट को उखाड़कर फेंक देते थे और फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे, ताकि पुलिस की चेकिंग से बचा जा सके। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े उन कबाड़ियों और खरीदारों की भी तलाश कर रही है, जो इन चोरी की गाड़ियों के पार्ट्स को खपाने में इनकी मदद करते थे।
चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की पुलिस ने बड़ाजामदा क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने एक शातिर मोटरसाइकिल चोर गिरोह का सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में चोरी की 7 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में गिरोह के तीन मुख्य शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके साथ शामिल तीन कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों को भी हिरासत में लिया गया है। ये अपराधी चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल केवल बेचने के लिए नहीं, बल्कि इलाके में लूटपाट और बड़ी वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे।
पुलिस मुख्यालय को खुफिया जानकारी मिली थी कि बड़ाजामदा ओपी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ घूम रहे हैं और किसी बड़ी छिनतई या लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही किरीबुरू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनीत कुमार किन्डो के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बड़ाजामदा के टंकीसाई स्थित दयाल कुमार नाग के घर, नोवामुंडी स्थित संदीप पिंगुवा के ठिकाने और बड़ाजामदा लाल बिल्डिंग के पास सुनसान झाड़ियों में एक साथ दबिश दी, जहां से छिपाकर रखी गईं 7 मोटरसाइकिलें और स्कूटी बरामद की गईं।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान दयाल कुमार नाग उर्फ मंगरू (20 वर्ष), संदीप पिंगुवा उर्फ पोटी उर्फ तितली (25 वर्ष) और बॉबी दास (19 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के सरगना दयाल और संदीप पहले भी कई संगीन आपराधिक मामलों में जेल की हवा खा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद इन्होंने किशोरों को बहला-फुसलाकर अपने गिरोह में शामिल किया और फिर से वारदातों को अंजाम देने लगे। पुलिस ने इनके पास से पांच स्प्लेंडर बाइक, एक होंडा लिवो और एक होंडा एक्टिवा स्कूटी जब्त की है। पुलिस ने नए कानून के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गैंग भीड़भाड़ वाले बाजारों और अस्पतालों के बाहर से महज कुछ सेकेंडों में मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर गाड़ियां उड़ा लेता था। चोरी के तुरंत बाद ये लोग गाड़ियों की असली नंबर प्लेट को उखाड़कर फेंक देते थे और फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे, ताकि पुलिस की चेकिंग से बचा जा सके। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े उन कबाड़ियों और खरीदारों की भी तलाश कर रही है, जो इन चोरी की गाड़ियों के पार्ट्स को खपाने में इनकी मदद करते थे।