हरियाणा के छांयसा गांव में दूषित पानी के कारण 24 दिनों में 15 से अधिक मौतें हुईं। हेपेटाइटिस बी और सी सहित अन्य पानी से फैलने वाली बीमारियों की जांच जारी है। प्रशासन ने अस्थायी मेडिकल कैंप और टैंकरों से साफ पानी की व्यवस्था की है।

हरियाणा के पलवल जिले के छांयसा गांव में महज 24 दिनों में 15 से अधिक मौतें हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी पीने के कारण बुजुर्ग, युवा और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। बुखार, उल्टी, दस्त और खांसी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांववासियों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा देने में असमर्थ है। वहां केवल एक डॉक्टर मौजूद है, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति नहीं है। जांच और इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से मरीजों की हालत बिगड़ रही है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
पलवल के सीएमओ डॉ. सतिंदर वशिष्ठ ने बताया कि 1 फरवरी से जांच शुरू हुई। 1,100 पानी के सैंपल और 2,100 से अधिक घरों की स्क्रीनिंग की गई। दो मरीजों में हेपेटाइटिस बी और सी की पुष्टि हुई। प्रारंभिक रिपोर्ट में लिवर संक्रमण और मल्टी ऑर्गन फेलियर से मौतों को जोड़ा गया।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
107 पानी के नमूनों में से 23 में बैक्टीरिया और क्लोरीन की कमी पाई गई। प्रशासन ने चार स्वास्थ्य निगरानी टीमें तैनात की और टैंकरों से अस्थायी साफ पानी उपलब्ध कराया। पानी की पाइपलाइन और नालों में गंदगी मिलने की भी शिकायतें मिली हैं।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की टीम विस्तृत जांच कर रही है। अब तक तीन अस्थायी मेडिकल कैंपों में 2,000 से अधिक लोगों की जांच हुई और 32 मरीजों में हेपेटाइटिस बी व सी की पुष्टि हुई। प्रशासन हेपेटाइटिस के साथ अन्य इंफेक्शन और पानी की गुणवत्ता की भी जांच कर रहा है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)