
प्रतीकात्मक छवि
Maharajganj: आय प्रमाण पत्र को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। जिलाधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा ने बिना जांच के आय प्रमाण-पत्र जारी किए जाने पर गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं कि अब आय प्रमाण पत्र केवल समुचित जांच-पड़ताल के बाद ही जारी किए जाएं।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि बिना जांच के आय प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं और बाद में शिकायतों के आधार पर वे निरस्त करने की स्थिति में आते हैं, तो उस प्रमाण पत्र को निर्गत करने वाले संबंधित प्रस्तावक, अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आय प्रमाण पत्र जैसी अहम दस्तावेज की सत्यता का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है, क्योंकि यह दस्तावेज आंगनवाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति, पेंशन, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसी तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं में पात्रता निर्धारण का आधार होता है।
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी को लगातार इस बात की शिकायतें मिल रही थीं कि कई मामलों में अपात्र लोगों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से फर्जी या बिना जांच के आय प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते हैं। इस कारण वास्तविक पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता, साथ ही बाद में जब शिकायतों की जांच होती है तो प्रमाण पत्र निरस्त करने की नौबत आ जाती है।
जिलाधिकारी ने अपने निर्देश में यह भी कहा कि इस तरह के मामलों से न सिर्फ प्रशासन की छवि धूमिल होती है, बल्कि नियुक्तियों और योजनाओं की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिन्ह लगते हैं। तहसील स्तर पर जारी प्रमाण पत्रों में यदि लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रशासन का यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी मामलों में तथ्यों की गहराई से जांच कर ही प्रमाण पत्र जारी करें। इस आदेश के बाद आय प्रमाण पत्र से संबंधित फर्जीवाड़े या लापरवाही के मामलों में निश्चित रूप से कमी आने की उम्मीद है।
Location : Maharajganj
Published : 16 July 2025, 5:50 AM IST
Topics : DM Identity Card Maharajganj punishment UP News