मानसून सत्र में सरकार का बड़ा दांव: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल लाने की तैयारी, द्रमुक पर टिकी निगाहें

केंद्र सरकार मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पेश करने की तैयारी कर रही है। लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत जुटाने के लिए द्रमुक सहित कई गैर-एनडीए दलों से संपर्क बढ़ाया गया है। द्रमुक का समर्थन इस विधेयक के लिए निर्णायक माना जा रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 June 2026, 8:24 AM IST

New Delhi: केंद्र सरकार आगामी मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पेश करने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने विपक्षी और गैर-एनडीए दलों से संपर्क बढ़ा दिया है। खासतौर पर तमिलनाडु की प्रमुख पार्टी द्रमुक (DMK) को साधने के लिए कई स्तरों पर बातचीत जारी है।

लोकसभा में बहुमत जुटाना सबसे बड़ी चुनौती

सरकार राज्यसभा में संविधान संशोधन के लिए जरूरी समर्थन के करीब मानी जा रही है, लेकिन लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना अभी भी चुनौती बना हुआ है। संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए लोकसभा में 360 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद सरकार के समर्थन का आंकड़ा लगभग 324 सांसदों तक पहुंचने का अनुमान है। इसके बावजूद सरकार को अभी भी अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है।

द्रमुक की भूमिका बनी निर्णायक

22 सांसदों वाली द्रमुक इस पूरे समीकरण में सबसे अहम पार्टी बनकर उभरी है। सूत्रों के अनुसार सरकार ने द्रमुक को यह आश्वासन दिया है कि परिसीमन प्रक्रिया में राज्यों की सीटों को आनुपातिक आधार पर 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रावधान पर विचार किया जा सकता है।

इसके अलावा त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर भी केंद्र और द्रमुक के बीच बातचीत जारी है। सरकार को उम्मीद है कि इन मुद्दों पर सहमति बनने से द्रमुक का समर्थन हासिल किया जा सकता है।

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गैर-कांग्रेसी दलों से भी संपर्क

यदि द्रमुक का समर्थन सरकार को मिल जाता है तो लोकसभा में समर्थन का आंकड़ा करीब 346 तक पहुंच सकता है। इसके बाद सरकार शेष समर्थन जुटाने के लिए एनसीपी (शरद पवार गुट), वाईएसआर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसे गैर-कांग्रेसी दलों से संपर्क साधेगी।

सरकार की रणनीति समाजवादी पार्टी से भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन लेने की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि द्रमुक के समर्थन के बाद कई अन्य दल भी विधेयक के पक्ष में आने पर विचार कर सकते हैं।

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महिला आरक्षण और परिसीमन पर फोकस

सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के साथ-साथ परिसीमन प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाना चाहती है। यही वजह है कि मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच व्यापक चर्चा और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  18 June 2026, 8:24 AM IST