
पहले और दूसरे चरण में कितने कॉलेजों को मंजूरी मिली? West Bengal BEd Admission 2026-28
New Delhi, (West Bengal BEd Admission 2026-28): पश्चिम बंगाल सरकार ने 2026-28 शैक्षणिक सत्र के लिए 393 निजी B.Ed. कॉलेजों को छात्रों के प्रवेश की अनुमति दी है। इसके विपरीत, राज्य के 205 निजी B.Ed. कॉलेजों को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, क्योंकि उन्हें अपनी जरूरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने की आवश्यकता है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने शुक्रवार, 6 नवंबर को यह जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि सरकार ने राज्य भर के B.Ed., ITI, फार्मेसी और पॉलिटेक्निक संस्थानों का निरीक्षण किया था, जिसका मकसद इन संस्थानों में शैक्षिक मानकों और जरूरी सुविधाओं में सुधार करना था।
उच्च शिक्षा मंत्री के अनुसार, पहले चरण में 156 B.Ed. कॉलेजों को मंजूरी दी गई, जबकि दूसरे चरण में 237 और कॉलेजों को मंजूरी मिली। इससे पहले अगस्त में, राज्य के 601 निजी B.Ed. कॉलेजों में से केवल 150 को ही प्रवेश कराने की अनुमति दी गई थी। बाकी 451 कॉलेजों को जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण नोटिस जारी किया गया था और उनकी प्रवेश प्रक्रिया रोक दी गई थी। इसके बाद, इनमें से 442 कॉलेजों ने सरकार को लिखित आश्वासन दिया कि वे तय नियमों का पालन करेंगे।
पहले और दूसरे चरण में कितने कॉलेजों को मंजूरी मिली?
205 कॉलेजों को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर क्यों रखा गया? मंत्री ने बताया कि जहां 442 कॉलेजों ने जरूरी सुविधाओं की शर्तें पूरी करने का दावा करते हुए फिर से अनुमति मांगी, वहीं 9 कॉलेजों की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद, पुनर्मूल्यांकन के आधार पर 4 नवंबर तक एक रिपोर्ट सौंपी गई। मूल्यांकन से पता चला कि 237 कॉलेज निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं; इसलिए, उन्हें 2026–28 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी गई है।
इसके विपरीत, बाकी 205 कॉलेजों में आवश्यक सुविधाओं की कमी पाई गई। परिणामस्वरूप, इन संस्थानों के लिए 2027–28 शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया को रोकने का निर्णय लिया गया।
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उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन 205 कॉलेजों में प्रवेश रोकना, उनकी मान्यता रद्द करने के बराबर नहीं है। सरकार का इन संस्थानों को बंद करने का कोई इरादा नहीं है। मंत्री के अनुसार, सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी कॉलेज जरूरी बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) और उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण स्टाफ उपलब्ध कराएं। एक बार जब ये संस्थान निर्धारित नियमों के अनुसार अपने बुनियादी ढांचे और फैकल्टी में सुधार कर लेंगे, तो उन्हें भविष्य के शैक्षणिक सत्रों में प्रवेश फिर से शुरू करने का अवसर दिया जा सकता है। सरकार का कहना है कि इस पूरी कवायद का मकसद किसी संस्थान को बंद करना नहीं, बल्कि शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाना है।
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मंत्री ने बताया कि मूल्यांकन के दौरान राज्य भर के अन्य तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में भी आवश्यक सुविधाओं की कमी पाई गई। नतीजतन, 265 ITI (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों) में से 14, 134 फार्मेसी संस्थानों में से 38, और 74 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में से एक में प्रवेश प्रक्रिया रोक दी गई है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य पश्चिम बंगाल की शिक्षा प्रणाली की पुरानी प्रतिष्ठा को बहाल करना है। उन्होंने कहा कि छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करके राज्य के भविष्य को सुरक्षित नहीं किया जा सकता। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि छात्रों को मिलने वाली डिग्रियां केवल कागज का टुकड़ा बनकर न रह जाएं, बल्कि वास्तव में उनके ज्ञान और क्षमताओं को दर्शाएं।
Location : New Delhi
Published : 6 November 2026, 5:38 PM IST
Topics : bed colleges approval New Delhi West Bengal BEd Admission 2026 28 west bengal higher education