भारतीय पासपोर्ट की ताकत चुपचाप बढ़ रही है। एशिया से कैरेबियन और अफ्रीका तक 58 देशों ने भारतीय यात्रियों के लिए वीज़ा की दीवारें हटा दी हैं। आइए ऐसे में जानते हैं कि कौन-से वो देश है जो फ्री वीजा एंट्री दे रहे हैं….

भारतीय पासपोर्ट की बदली तस्वीर
New Delhi: एक समय था जब विदेशी यात्रा का मतलब लंबा वीज़ा प्रोसेस, इंटरव्यू और अनिश्चित इंतज़ार होता था। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है, क्योंकि भारतीय पासपोर्ट की ताकत लगातार बढ़ रही है और इसका सबसे ठोस प्रमाण है दुनिया के वो 58 देश... जहां भारतीय नागरिकों से वीजा नहीं मांग जाता।
भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए 58 देशों ने वीज़ा फ्री एंट्री, वीज़ा ऑन अराइवल या डिजिटल ट्रैवल परमिट जैसे आसान विकल्प खोल दिए हैं। इसका साफ मतलब है कम खर्च, कम औपचारिकताएं और ज्यादा आज़ादी। इसका असर सिर्फ ट्रैवल पर नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक स्वीकार्यता पर भी दिखता है।
अहम बात यह है कि ये देश सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं, बल्कि बिज़नेस, स्टडी और लॉन्ग-स्टे जैसे अवसर भी खोलते हैं। असली सवाल यह है, यह सुविधा आपके लिए सबसे फायदेमंद कहां साबित हो सकती है? आइए फिर हम आपको इस सवाल का एकदम सटीक जवाब देते हैं।
इस सवाल से पहले ये जानते हैं कि वो 58 देश कौन-से हैं, जहां भारतीय नागरिकों को फ्री वीजा एंट्री दी जाएगी। नीचे दी गई सूची पर डालिए एक नजर....
भारतीय यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत एशिया में देखने को मिलती है। यहां कई देश ऐसे हैं जहां सिर्फ पासपोर्ट और रिटर्न टिकट दिखाकर एंट्री मिल जाती है। दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ टूरिज़्म-ड्रिवन देश भारतीय पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल परमिट और सीमित अवधि की वीज़ा फ्री सुविधा दे रहे हैं। यही वजह है कि ये डेस्टिनेशन हनीमून, फैमिली ट्रिप और बैकपैकर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
भारतीयों के लिए वीज़ा फ्री लिस्ट में बड़ी संख्या उन द्वीपीय देशों की है जो टूरिज़्म पर निर्भर हैं। इन जगहों पर एंट्री प्रोसेस बेहद सिंपल होता है। ऑन अराइवल परमिट, होटल बुकिंग और पर्याप्त फंड का प्रमाण। यही कारण है कि ये देश भारतीय कपल्स, कंटेंट क्रिएटर्स और लग्ज़री ट्रैवलर्स के लिए पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
अफ्रीकी महाद्वीप में भारत के साथ रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं और इसका असर ट्रैवल पॉलिसी में भी दिखता है।
यहां कई देश भारतीय यात्रियों को वीज़ा ऑन अराइवल या बिना पूर्व अनुमति एंट्री दे रहे हैं। सफारी, समुद्री तट, ज्वालामुखी और अनछुए पर्यटन स्थल ये सब अब भारतीयों के लिए पहले से कहीं ज्यादा सुलभ हो चुके हैं।
कैरेबियन और पैसिफिक क्षेत्र के कई छोटे देश भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वीज़ा फ्री या आसान एंट्री नीति अपनाते हैं। यहां की सरकारें जानती हैं कि भारतीय यात्री लंबे समय तक रुकते हैं और लोकल इकॉनमी में खर्च करते हैं। यही वजह है कि इन देशों में एंट्री शर्तें न्यूनतम रखी गई हैं।
यह समझना बेहद ज़रूरी है कि “वीज़ा फ्री” एक छतरी शब्द है। इसमें तीन तरह की सुविधाएं शामिल होती हैं-
यानी यात्रा से पहले दूतावास के चक्कर नहीं, बल्कि एंट्री पॉइंट पर या ऑनलाइन कुछ ही मिनटों में प्रक्रिया पूरी।
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इसके पीछे तीन बड़े कारण माने जाते हैं-
1. भारत एक बड़ा टूरिज़्म मार्केट बन चुका है
2. भारतीय यात्रियों की ओवरस्टे दर कम है
3. भारत के कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों में सुधार
यही वजह है कि हर साल भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग और पहुंच दोनों बेहतर हो रही हैं।
भले ही देश वीज़ा फ्री हों, लेकिन पासपोर्ट वैलिडिटी, रिटर्न टिकट, होटल बुकिंग और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसे नियम अब भी लागू रहते हैं। नियम समय-समय पर बदलते हैं, इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक अपडेट ज़रूर चेक करना समझदारी है।