उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर घमासान: शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर प्रशासन और जनता आमने-सामने

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। विरोध प्रदर्शन और तनाव के बाद इलाके में 2000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं, जबकि मामला इंदौर हाईकोर्ट की बड़ी बेंच में पहुंच गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 September 2026, 10:55 AM IST

Ujjain: मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरी उज्जैन में विकास कार्यों और सड़क चौड़ीकरण के सिलसिले में एक नया विवाद सामने आया है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की योजना को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी गहमागहमी और तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। इस पूरी कार्रवाई को लेकर प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच तीखा विरोध देखने को मिला है, जिसके बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां और सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट

मध्य प्रदेश में आगामी 'सिंहस्थ 2028' के आयोजन को ध्यान में रखते हुए शहरभर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सड़कों को चौड़ा करने का काम तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा किए जाने का अभियान चलाया जा रहा है। इस योजना के दायरे में शाही मस्जिद का लगभग 11 फीट हिस्सा आ रहा है, जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों में गहरी नाराजगी है और वे इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इस मार्ग के दायरे में कुल 7 धार्मिक स्थल आ रहे थे, जिनमें से खड़े हनुमान मंदिर सहित अधिकांश स्थलों को पहले ही आपसी सहमति से हटाया या अन्यत्र शिफ्ट किया जा चुका है।

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देर रात तक हंगामा और पुलिस बल की तैनाती

विवाद उस समय और गहरा गया जब 27 सितंबर 2026 की देर रात प्रशासन द्वारा मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा तैयार किया जाने लगा। इसे देखकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। तनाव और किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका के चलते लोग पूरी रात मस्जिद के अंदर और बाहर डटे रहे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 2,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया। कमरी मार्ग और छत्री चौक के आसपास सुरक्षा के कड़े घेरे बना दिए गए हैं ताकि शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके।

प्रशासन और शहर काजी के बीच समझाइश का दौर

हालात को नियंत्रण में रखने के लिए 28 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे शहर काजी खलीफुर्रहमान और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (विशेषकर पुलिस अधीक्षक) के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। अधिकारियों और शहर काजी द्वारा की गई समझाइश के बाद वहां मौजूद लोगों को शांत कराया गया और वे अपने घरों को लौटे। शहर काजी के अनुसार, प्रशासन के साथ इस मामले में आपसी सहमति बन चुकी है और अब आगे की कार्रवाई तय नियमों तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत ही आगे बढ़ाई जाएगी।

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न्यायालय का रुख और वर्तमान स्थिति

जमीनी स्तर पर हालात को शांत करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने के प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने इस कार्रवाई के विरोध में इंदौर उच्च न्यायालय की बड़ी बेंच का दरवाजा खटखटाया है। इस कानूनी मामले पर अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 (सोमवार) को तय की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शहर में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग करें।

Location :  Ujjain

Published :  28 September 2026, 10:55 AM IST