तुगलकाबाद अग्निकांड: आग नहीं, बदले की साजिश थी… 3 की मौत से खुला खौफनाक राज

तुगलकाबाद अग्निकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग कोई हादसा नहीं, बल्कि पैसों के विवाद और बदले की भावना से रची गई साजिश थी। इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 June 2026, 3:22 PM IST

New Delhi: दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में जिस भीषण आग ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया, अब उसकी परतें खुलने लगी हैं। पहले जिसे एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, वह अब एक सुनियोजित आपराधिक साजिश साबित हो चुका है। पैसों के विवाद, निजी रंजिश और बेइज्जती का बदला लेने की आग ने न सिर्फ एक स्कूटी को जलाया, बल्कि पूरी पांच मंजिला इमारत को मौत का मंजर बना दिया, जिसमें तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई।

कैसे हुआ खुलासा?

यह मामला तुगलकाबाद एक्सटेंशन का है, जहां 12 जून की रात एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन की जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। जांच में सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा सबूत बना, जिसमें एक युवती घटना से ठीक पहले इमारत में जाती और कुछ ही देर बाद बाहर निकलती दिखाई दी। इसी फुटेज ने पूरे केस की दिशा बदल दी।

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पैसों का विवाद बना मौत की वजह

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सरिता (27) का पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक से करीब 80 हजार रुपये का विवाद चल रहा था। आरोप है कि पैसे मांगने गई सरिता की दीपक ने उसकी पत्नी के सामने बेइज्जती कर दी, जिससे वह गुस्से में आ गई और बदला लेने की ठान ली। यही विवाद धीरे-धीरे एक खतरनाक साजिश में बदल गया, जिसमें उसके बॉयफ्रेंड निरंजन (33) और उसके भाई राजकुमार (27) भी शामिल हो गए।

कैसे रची गई साजिश?

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि योजना थी दीपक की स्कूटी को आग लगाकर उसे नुकसान पहुंचाना। इसके लिए पेट्रोल और माचिस सरिता ने उपलब्ध कराई। इस काम के लिए 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को चुना गया, जिसे घटनास्थल पर भेजा गया। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि स्कूटी में लगी आग कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लेगी।

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दर्दनाक हादसा कैसे बना त्रासदी

आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में धुआं ऊपरी मंजिलों तक फैल गया और लोग बाहर निकल नहीं पाए। इस हादसे में पंकज पांडेय (28), उनकी बहन सोनिया उर्फ सोनी (20) और नानी सुशीला देवी (75) की मौत हो गई। वहीं पंकज की मां गुड्डी देवी और बहन मोनी गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक के परिवार की दो महिलाएं भी झुलस गईं।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सरिता, निरंजन, राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी निरंजन लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  15 June 2026, 3:22 PM IST