Deoghar से सुप्रियो भट्टाचार्य का बड़ा राजनीतिक संदेश! बाबा दरबार से विपक्ष पर हमला, लेकिन राज्यसभा नतीजों ने बढ़ाए सवाल?

देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा के बाद झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को मिले झटके की समीक्षा की बात कही। उन्होंने सरकार को स्थिर बताया, एसआईआर प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की अपील की और भाजपा पर भाषा व पहचान की राजनीति करने का आरोप लगाया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 June 2026, 1:17 PM IST

Deoghar: सावन से पहले बाबा बैद्यनाथ की नगरी में आस्था और राजनीति एक बार फिर साथ-साथ दिखाई दी। केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य भी बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। लेकिन मंदिर परिसर से बाहर निकलते ही चर्चा सिर्फ दर्शन की नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक बयानों की होने लगी।

बाबा के दरबार से निकली सियासी बातें

पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत में सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ के दरबार में आने से उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने बताया कि वह हर वर्ष अपने परिवार के साथ दो से तीन बार देवघर आकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं। हालांकि, धार्मिक यात्रा के बीच उनके राजनीतिक बयान अधिक सुर्खियों में रहे।

राज्यसभा चुनाव पर स्वीकार किया झटका

राज्यसभा चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने माना कि इंडिया गठबंधन को दो सीटों की उम्मीद थी, लेकिन केवल एक सीट ही मिल सकी। उन्होंने इसे अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं बताया और कहा कि यदि गठबंधन के सभी विधायक साथ थे तो फिर हार की वजह क्या रही, इसकी समीक्षा पार्टी स्तर पर की जाएगी।

यहीं से कई राजनीतिक सवाल भी खड़े होते हैं। यदि गठबंधन पूरी तरह एकजुट था, तो दूसरी सीट क्यों नहीं जीत सका? क्या कहीं अंदरूनी रणनीति कमजोर पड़ी या फिर राजनीतिक गणित उम्मीद के मुताबिक नहीं बैठा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में पार्टी की समीक्षा के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।

बयान को गलत तरीके से पेश किया गया

हाल के अपने एक बयान पर उठे विवाद को लेकर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि उनके शब्दों को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार को गठबंधन के 56 विधायकों का पूरा समर्थन प्राप्त है और सरकार स्थिर है।

हालांकि, राजनीति में अक्सर बयान और उसकी व्याख्या दोनों अलग-अलग दिशा में चर्चा का विषय बन जाते हैं। ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे को कितना आगे बढ़ाता है और सत्ता पक्ष इसे कैसे संभालता है, इस पर भी निगाहें रहेंगी।

एसआईआर प्रक्रिया पर सतर्क रहने की अपील

झारखंड में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उन्होंने विशेष रूप से संथाल परगना के कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे, वहीं यदि कोई अवैध तरीके से सूची में शामिल है तो उसकी पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

यह मुद्दा आने वाले समय में झारखंड की राजनीति का बड़ा विषय बन सकता है, क्योंकि मतदाता सूची को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच पहले से ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

भाजपा पर साधा निशाना, भाषा और पहचान पर भी बोले

सुप्रियो भट्टाचार्य ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह बंगाली भाषी लोगों को भी बांग्लादेशी बताकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भाषा और संस्कृति का सम्मान किया जाता है तथा किसी भी भारतीय नागरिक को केवल भाषा के आधार पर संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, भाजपा पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है और अवैध घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय बताती रही है। ऐसे में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के अपने-अपने राजनीतिक तर्क हैं।

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देवघर से उठे कई सवाल, जवाब का इंतजार

बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद दिए गए बयानों ने एक बार फिर झारखंड की राजनीति में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्यसभा चुनाव की समीक्षा, सरकार की स्थिरता का दावा, एसआईआर पर सतर्कता की अपील और भाजपा पर लगाए गए आरोप—इन सभी मुद्दों पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि इन बयानों का असर केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित रहता है या फिर झारखंड की सियासत में कोई नया मोड़ भी लेकर आता है।

Location :  Deoghar

Published :  27 June 2026, 1:17 PM IST