सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक से इनकार, जानिए क्या कहा…

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि केवल शीर्षक के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि किसी जाति का अपमान हो रहा है। जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने स्पष्ट किया कि फिल्म काल्पनिक है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 25 February 2026, 3:08 PM IST

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म "यादव जी की लव स्टोरी" के खिलाफ फाइल की गई याचिका खारिज कर दी है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि फिल्म का टाइटल और संभावित स्टोरीलाइन एक खास जाति को गलत तरीके से दिखा सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ आशंका के आधार पर किसी फिल्म के टाइटल को गैर-संवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता।

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्जल भुयान की बेंच ने केस की सुनवाई करते हुए कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद मटीरियल के आधार पर, ऐसा नहीं लगता कि फिल्म का टाइटल यादव कम्युनिटी का अपमान करता है या उन्हें नेगेटिव तरीके से दिखाता है।

कोर्ट ने केस को "घूसखोर पंडत" से अलग बताया

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने एक और पुराने केस, "घूसखोर पंडत" का जिक्र किया और कहा कि स्थिति अलग थी। वहां, ऐसा लग रहा था कि एक खास जाति को सीधे तौर पर भ्रष्ट दिखाया जा रहा था। हालांकि, मौजूदा केस में ऐसा कोई संकेत नहीं है।

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जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि याचिका का मुख्य ऑब्जेक्शन फिल्म के टाइटल को लेकर था, जबकि टाइटल में किसी भी जाति के लिए कोई अपमानजनक या आपत्तिजनक भाषा नहीं थी।

सिर्फ आशंका के आधार पर कोई बैन नहीं

याचिकाकर्ता अवधेश यादव के वकील ने कोर्ट से अपील की कि फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है और अगर किसी को फिल्म देखने के बाद कुछ भी आपत्तिजनक लगता है, तो उन्हें फिर से कोर्ट जाने की इजाजत दी जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि फिल्म की कहानी मनगढ़ंत है और सिर्फ संभावित आशंकाओं के आधार पर बैन लगाना सही नहीं होगा।

बेंच ने साफ किया कि बोलने की आजादी संविधान से सुरक्षित है और क्रिएटिव एक्सप्रेशन को तब तक रोका नहीं जा सकता जब तक किसी कम्युनिटी का खुले तौर पर अपमान या टारगेट न किया जाए।

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फिल्म इंडस्ट्री के लिए राहत का मैसेज

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक पॉजिटिव संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसे क्रिएटिव आजादी और संवैधानिक अधिकारों के बीच बैलेंस बनाने में अहम माना जा रहा है। हालांकि, याचिकाकर्ता को फिल्म रिलीज के बाद कोई भी आपत्तिजनक मटीरियल मिलने पर सही कानूनी कार्रवाई करने की आजादी दी गई है। फिल्म अब तय समय 27 फरवरी को रिलीज होगी।

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  • 25 February 2026, 3:08 PM IST