27 अक्टूबर को राहुल गांधी और ओवैसी की याचिकाओं पर सुनवाई; CJP प्रदर्शन केस की तारीख भी तय

सुप्रीम कोर्ट ने SIR, चुनाव आयोग, दिल्ली प्रदर्शनों और BNSS से जुड़े मामलों की सुनवाई की तारीखें तय कीं। जानें 27 अक्टूबर से 19 नवंबर तक का शेड्यूल।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 16 October 2026, 9:36 AM IST
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों, चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के लिए अलग-अलग तारीखें निर्धारित की हैं। अदालत ने इन मामलों को विषय और कानूनी पहलुओं के आधार पर अलग-अलग समूहों में बांटा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी से जुड़ी याचिकाओं पर 27 अक्टूबर को सुनवाई होगी, जबकि दिल्ली के प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई से संबंधित मामले 3 नवंबर को सुने जाएंगे।

27 अक्टूबर को राहुल गांधी और ओवैसी की याचिकाओं पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट 27 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और अन्य याचिकाकर्ताओं से जुड़ी अर्जियों पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं।

इन मामलों में चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया और SIR से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाए गए सवालों और संबंधित पक्षों की दलीलों पर अदालत विचार करेगी।

3 नवंबर को दिल्ली प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मामला

दिल्ली में हुए प्रदर्शनों और उनके दौरान पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मामलों की सुनवाई 3 नवंबर को निर्धारित की गई है। इसमें जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उससे संबंधित अन्य याचिकाएं शामिल हैं।

इन मामलों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई तथा उससे जुड़े कानूनी सवालों पर सुनवाई होगी। अदालत के सामने यह मुद्दा भी आएगा कि संबंधित परिस्थितियों में लागू कानूनी प्रावधानों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सवालों का किस तरह परीक्षण किया जाना चाहिए।

महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई 5 नवंबर को

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले की सुनवाई 5 नवंबर को होगी। इस मामले में अदालत संबंधित याचिकाओं और उनमें उठाए गए कानूनी मुद्दों पर विचार करेगी।

मामले से जुड़े आरोपों और उनके कानूनी पहलुओं पर सुनवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

BNSS की धाराओं 172 और 163 पर 19 नवंबर को सुनवाई

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 172 और धारा 163 से संबंधित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 19 नवंबर को सुनवाई करेगा। इन धाराओं से जुड़े कानूनी सवालों पर अदालत का विचार महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इनका संबंध कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संबंधित परिस्थितियों में अधिकारियों की शक्तियों से है।

धारा 163 के तहत सक्षम कार्यपालक मजिस्ट्रेट को तत्काल रोकथाम संबंधी आदेश जारी करने की शक्ति दी गई है, जबकि धारा 172 पुलिस के वैध निर्देशों का पालन करने से संबंधित है। इन प्रावधानों की व्याख्या और उनके इस्तेमाल को लेकर उठाए गए सवालों पर सुनवाई के दौरान विचार किया जा सकता है।

अलग-अलग समूहों में मामलों की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी मामलों को एक साथ सुनने के बजाय उनके विषय और कानूनी प्रकृति के आधार पर अलग-अलग तारीखें तय की हैं। इससे चुनाव आयोग और SIR, दिल्ली में प्रदर्शनों, महिला पत्रकारों से जुड़े आरोपों तथा BNSS के प्रावधानों से संबंधित याचिकाओं पर अलग-अलग सुनवाई होगी।

इन मामलों में अदालत की आगे की कार्यवाही पर नजर रहेगी। हालांकि, निर्धारित तारीखें सुनवाई का कार्यक्रम हैं; इन्हें मामलों में अंतिम फैसले या किसी पक्ष के पक्ष में न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  16 October 2026, 9:36 AM IST

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