
दिवाली से पहले चीनी के भाव बढ़ें (Img- Pinterest)
Agra : त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले चीनी की कीमतों में तेजी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। आगरा में चीनी की आपूर्ति पिछले सात दिनों से प्रभावित बताई जा रही है। थोक बाजार में डबल रिफाइंड सफेद चीनी का भाव 59 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि बाजार में यही चीनी 62 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। अगर शुक्रवार तक नई खेप नहीं पहुंची, तो इसका असर घरों की रसोई के साथ मिठाई और पेठा उद्योग पर भी पड़ सकता है। ऐसे में दिवाली से पहले मिठाइयों की लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आगरा के थोक बाजार में चीनी की आपूर्ति प्रभावित होने से कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, शहर में रोजाना करीब तीन हजार कुंतल चीनी की खपत होती है।
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मंगलवार तक थोक विक्रेताओं के पास केवल चार से पांच हजार कुंतल चीनी का स्टॉक बचा था। ऐसे में बाजार में नई खेप पहुंचना जरूरी हो गया है। यदि शुक्रवार तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उपलब्ध स्टॉक पर दबाव और बढ़ सकता है।
आगरा खंडसारी एंड शुगर डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल का कहना है कि चीनी मिलें चुनिंदा एजेंट्स के माध्यम से माल बेच रही हैं। उनके मुताबिक, मिलों के मासिक रिलीज कोटे की शासन और प्रशासन की ओर से जांच नहीं होने के कारण बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होने की आशंका है। उन्होंने इस स्थिति के लिए एजेंट्स के सिंडिकेट को जिम्मेदार ठहराया है।
वहीं, नूरी गेट के व्यापारी विनोद अग्रवाल ने बताया कि महाराष्ट्र से आने वाली चीनी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, पिछले सप्ताह महाराष्ट्र से चीनी की एक गाड़ी मंगाई गई थी, लेकिन वह अब तक नहीं पहुंच सकी है। इससे बाजार में माल की उपलब्धता को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, सरकार ने चीनी मिलों के लिए 45 से 46 रुपये प्रति किलो का भाव तय किया था। हालांकि, बाजार में अलग-अलग गुणवत्ता की चीनी इससे अधिक कीमत पर बिक रही है। डबल रिफाइंड सफेद चीनी का थोक भाव 59 से 60 रुपये प्रति किलो है, जबकि बाजार में इसका भाव 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
सिंगल रिफाइंड चीनी 57 रुपये प्रति किलो और सरकारी मिलों की हल्की गुणवत्ता वाली चीनी 52 से 55 रुपये प्रति किलो के थोक भाव पर उपलब्ध बताई गई है।
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दिवाली से पहले चीनी की मांग बढ़ने के बीच आपूर्ति में रुकावट मिठाई और पेठा कारोबार के लिए चुनौती बन सकती है। चीनी महंगी रहने या समय पर नई खेप नहीं पहुंचने से मिठाई बनाने की लागत बढ़ सकती है। हालांकि, मिठाइयों के खुदरा दाम कितने बढ़ेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल कारोबारियों की नजर शुक्रवार तक होने वाली आपूर्ति पर टिकी है।
Location : Agra
Published : 14 October 2026, 10:47 AM IST