
जंगल से निकलकर शहरों में पहुंच रहे सांप फोटो सोर्स- AI
New Delhi: दुनिया भर में बढ़ता तापमान और तेजी से घटते जंगल अब इंसानों के लिए एक नए खतरे का कारण बन रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक नई स्टडी के अनुसार, बदलते मौसम और मानव गतिविधियों के दबाव के चलते जहरीले सांप अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर नए इलाकों की ओर आ रहे हैं। इसी कारण से इंसानों और सांपों के बीच आमना-सामना बढ़ गया है, जिससे सांप के काटने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
खतरनाक सांप अब नए ठिकानों की तलाश में
अफ्रीका के स्पिटिंग कोबरा, एशिया के करैत और यूरोप व दक्षिण अमेरिका के वाइपर जैसे खतरनाक सांप अब नए ठिकानों की तलाश में मानव बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। भारत के कुछ हिस्सों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है।
नए इलाकों की ओर बढ़ रहे सांप
एक अध्ययन के अनुसार, बढ़ते तापमान से बचने के लिए कई सांप प्रजातियाँ उन क्षेत्रों की ओर जा रही हैं जहाँ पहले उनकी मौजूदगी नहीं थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि जबकि कई प्रजातियों के प्राकृतिक आवास सिकुड़ रहे हैं, कुछ अत्यधिक जहरीले सांप तेजी से नए क्षेत्रों में फैल रहे हैं।
इंसानों और सांपों के बीच संपर्क
WHO के अनुसार, आने वाले समय में इंसानों और सांपों के बीच संपर्क और अधिक बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में घरों के आसपास भी जहरीले सांपों का खतरा बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना अधिक हो जाएगी।
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दक्षिण एशिया में सबसे गंभीर स्थिति
दुनिया भर में हर साल करीब 40 लाख सांप काटने के मामले सामने आते हैं। इनमें से बड़ी संख्या गंभीर नहीं होती, लेकिन फिर भी हर साल लगभग 1 लाख 38 हजार लोगों की मौत हो जाती है, जबकि 4 लाख से अधिक लोग स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाते हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें से लगभग आधे मामले अकेले दक्षिण एशिया में होते हैं।भारत में हर साल लगभग 60 हजार लोगों की मौत सांप के काटने से हो जाती है ।
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मिली जानकारी के अनुसार, भारत के खतरनाक सांप, कोबरा, रसेल वाइपर और करैत अब दक्षिण भारत से निकलकर उत्तर भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जहां आबादी अधिक घनी है इससे मानव- सांप टकराव का खतरा और बढ़ सकता है।
Location : New Delhi
Published : 27 May 2026, 9:17 PM IST
Topics : Climate cobra Snakebite risk wildlife