
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (फोटो सोर्स-इंटरनेट)
New Delhi: पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक संकट और उसके आर्थिक असर के बीच देश की सियासत भी गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया 'सात अपीलों' पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें सरकार की नाकामी का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि देश को इस स्थिति में पहुंचा दिया गया है कि अब सरकार जनता को यह बताने पर मजबूर है कि क्या खरीदें और क्या नहीं।
सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से त्याग की अपील की है, जिसमें सोना न खरीदने, विदेश यात्रा टालने, पेट्रोल का कम इस्तेमाल करने, खाद और खाने के तेल की खपत घटाने, मेट्रो से यात्रा करने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने जैसी बातें शामिल हैं।
राहुल गांधी ने इन अपीलों को 'उपदेश नहीं, बल्कि विफलता का प्रमाण' बताया। उन्होंने कहा, '12 साल में देश को इस स्थिति में ला दिया गया है कि अब जनता को यह बताया जा रहा है कि क्या करना है और क्या नहीं।'
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 11, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक जनसभा के दौरान कहा था कि मौजूदा वैश्विक हालात, खासकर युद्धों के कारण पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़े तेल भंडार नहीं हैं, इसलिए आयात पर निर्भरता कम करना जरूरी है।
पीएम मोदी ने जनता से अपील की थी कि ईंधन की खपत कम करें, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और कारपूलिंग एवं मेट्रो जैसे विकल्प अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जा सकता है ताकि ऊर्जा की बचत हो।
प्रधानमंत्री की अपीलों में कई आर्थिक और पर्यावरणीय पहलू शामिल थे। उन्होंने सुझाव दिया कि-
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में भारी विदेशी मुद्रा खर्च हो रहा है-
1. सोना: भारत में सोने के आयात पर हर साल लाखों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। हाल के वर्षों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है और निवेश मांग भी बढ़ी है।
2. विदेश यात्रा: 2023-24 में भारतीयों ने विदेश यात्राओं पर करीब 2.72 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जो आगे और बढ़ा है।
3. उर्वरक आयात: इस वर्ष फर्टिलाइजर आयात पर लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 76% अधिक है।
4. कच्चा तेल: भारत अपनी जरूरत का लगभग 70% तेल आयात करता है, जिस पर 2024-25 में 11.66 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए थे। वैश्विक तनाव के चलते इसमें और वृद्धि की आशंका है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार जिम्मेदारी जनता पर डालकर अपनी जवाबदेही से बच रही है। वहीं सरकार का पक्ष है कि वैश्विक संकट के बीच घरेलू खपत नियंत्रित करना और आत्मनिर्भरता बढ़ाना समय की जरूरत है।
Location : New Delhi
Published : 11 May 2026, 11:57 AM IST