BIG BREAKING: ‘खुद से इस्तीफा नहीं देंगे राघव चड्ढा’, AAP से आर-पार की जंग के बीच सूत्रों का बड़ा दावा

राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके संभावित इस्तीफे और पार्टी के साथ चल रहे विवाद पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पढ़ें पूरी खबर आगे..

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 3 April 2026, 1:58 PM IST

New Delhi: देश की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ी हलचल राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर मची हुई है। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि राघव चड्ढा फिलहाल खुद से इस्तीफा नहीं देंगे।

राघव चड्ढा का अरविंद केजरीवाल पर कड़ा प्रहार

राघव चड्ढा ने पिछले 24 घंटों में एक के बाद एक दो वीडियो जारी कर पार्टी नेतृत्व, खासकर अरविंद केजरीवाल पर कड़ा प्रहार किया है। आज सुबह जारी किए गए अपने दूसरे वीडियो में चड्ढा ने साफ लहजे में कहा, "मुझे खामोश किया गया है, लेकिन मेरी खामोशी को हार मत समझना। मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बन सकता है।" हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर केजरीवाल का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ था। राघव चड्ढा ने सवाल उठाया कि क्या संसद में जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, जिसकी सजा उन्हें 'डिप्टी लीडर' पद से हटाकर दी गई है?

पार्टी के भीतर चर्चा है कि राज्यसभा में राघव चड्ढा की बढ़ती लोकप्रियता और उनके तीखे सवालों को मिल रही भारी पब्लिसिटी से नेतृत्व असहज था। चड्ढा ने हाल के दिनों में हवाई किराए, गिग वर्कर्स के हक और मोबाइल रिचार्ज जैसे आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए थे। इसके तुरंत बाद पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर न सिर्फ उन्हें पद से हटाया, बल्कि अशोक मित्तल को नया डिप्टी लीडर नियुक्त कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पार्टी ने चड्ढा को अलॉटेड कोटे से बोलने का समय न देने की भी सिफारिश की है।

शराब नीति केस और 'मेडिकल लीव' से बिगड़े समीकरण

राघव चड्ढा और केजरीवाल के बीच दरार की शुरुआत मार्च 2024 में तब मानी जाती है, जब शराब नीति मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी के वक्त चड्ढा इलाज के बहाने विदेश चले गए थे। जेल से रिहाई के बाद भी चड्ढा की दूरियां कम नहीं हुईं। हाल ही में जब दिल्ली कोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी किया, तब भी चड्ढा ने चुप्पी साधे रखी और पार्टी की बड़ी रैलियों से किनारा किया। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट चड्ढा के पास पार्टी के कई महत्वपूर्ण दस्तावेजी सबूत और हिसाब-किताब होने की चर्चा है, जिससे यह लड़ाई और भी गंभीर हो सकती है।

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अशोक मित्तल की सफाई: 'सब सामान्य है'

दूसरी ओर, नए नियुक्त डिप्टी लीडर अशोक मित्तल इसे रूटीन प्रक्रिया बता रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी में सबको मौका दिया जाता है और चड्ढा को भविष्य में समय मिलेगा। लेकिन चड्ढा का 'Evil Eye' (बुरी नजर) वाला इमोजी और 'सैलाब' बनने की चेतावनी बता रही है कि आम आदमी पार्टी के अंदर का यह तूफान थमने वाला नहीं है।

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  • New Delhi

Published : 
  • 3 April 2026, 1:58 PM IST