Election Commission vs Congress: SIR पर घमासान, अभिषेक मनु सिंघवी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर उठाए सवाल

SIR विवाद के बीच कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद के आरोपों को खारिज करते हुए फैसलों को सामूहिक प्रक्रिया बताया।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 23 September 2026, 2:43 PM IST

नई दिल्ली: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी विवाद बुधवार को और तेज हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी फैसले तय प्रक्रिया के तहत सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।

सिंघवी ने CEC की भूमिका पर उठाए सवाल

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग एक सामूहिक संस्था है और मुख्य चुनाव आयुक्त को अन्य चुनाव आयुक्तों के बराबर माना जाता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उन टिप्पणियों का हवाला दिया, जिसमें CEC को आयोग के सदस्यों में "फर्स्ट अमंग इक्वल्स" यानी बराबरों में प्रथम बताया गया है।

सिंघवी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया से जुड़े मामलों में अन्य चुनाव आयुक्तों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता जरूरी है।

दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति का किया जिक्र

कांग्रेस नेता ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई थी।

सिंघवी ने आरोप लगाया कि मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया और फॉर्म-6 जैसे मुद्दों पर उठाई गई चिंताओं पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। उन्होंने चुनाव आयोग के अंदर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए।

SIR विवाद पर सिंघवी का "इंटरनल बुलडोजर" वाला बयान

अपने संबोधन के दौरान सिंघवी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक संस्था के भीतर अगर सदस्यों की राय को नजरअंदाज किया जाता है तो यह गंभीर विषय है।

उन्होंने कथित तौर पर फॉर्म-6 और मतदाता सूची संशोधन से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारियों की चिंताओं को उचित तरीके से नहीं सुना गया।

चुनाव आयोग ने मतभेद के आरोपों को किया खारिज

चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत फैसले लिए हैं।

आयोग ने कहा है कि चुनाव संबंधी सभी निर्णय संस्थागत व्यवस्था के अनुसार सामूहिक रूप से लिए जाते हैं और किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद की बात सही नहीं है।

SIR बना विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बड़ा मुद्दा

SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कपिल सिब्बल समेत कई नेताओं ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।

अब यह विवाद मतदाता सूची संशोधन, पारदर्शिता और चुनाव आयोग के अंदर निर्णय प्रक्रिया को लेकर केंद्रित हो गया है।

Location :  New Delhi

Published :  23 September 2026, 2:06 PM IST