
ऑपरेशन सिंदूर (सोर्स- एक्स)
New Delhi: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की सीमाओं पर हुए संघर्ष और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में भारतीय सेना और वायुसेना के छह वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इन शहीदों की वीरता और समर्पण को नेशनल वॉर मेमोरियल में विशेष सम्मान दिया गया है। देश आज भी उनके बलिदान को गर्व और श्रद्धा के साथ याद करता है।
सूबेदार मेजर पवन कुमार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर के रहने वाले थे और राजौरी सेक्टर में पाकिस्तान की गोलाबारी के दौरान शहीद हुए। वे एक सैन्य परिवार से थे और कुछ ही महीनों बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे।
राइफलमैन सुनील कुमार जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री की चौथी बटालियन में तैनात थे और उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
लांस नायक दिनेश कुमार हरियाणा के पलवल जिले के निवासी थे और 5 फील्ड रेजिमेंट में कार्यरत थे। पूंछ सेक्टर में भारी गोलाबारी के दौरान उन्होंने अदम्य साहस दिखाया और 32 वर्ष की आयु में शहीद हो गए।
अग्निवीर मुरली नायक आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले के कल्लिथांडा गांव के रहने वाले थे और 851 लाइट रेजिमेंट में तैनात थे। उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी के दौरान वे शहीद हुए।
हवलदार सुनील कुमार सिंह बिहार के बक्सर-चौसा क्षेत्र के नरबतपुर गांव के रहने वाले थे और 237 फील्ड वर्कशॉप में कार्यरत थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया और उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया।
भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा जिले के निवासी थे और 39 विंग में तैनात थे। उधमपुर के पास स्थित इस यूनिट में उन्होंने देश सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से साहसिक कार्रवाई की जिसमें आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया और सीमा पार से हो रही गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया गया। इस अभियान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा लेकिन भारतीय सैनिकों के पराक्रम के कारण स्थिति भारत के पक्ष में रही। शहीद जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर शामिल किए गए और उनकी स्मृति में विशेष ईंटें समर्पित की जाएंगी। राष्ट्रपति द्वारा कुछ वीरों को मरणोपरांत वीरता सम्मान भी प्रदान किए गए। नेशनल वॉर मेमोरियल में इन सभी शहीदों के नाम त्याग चक्र में अंकित किए जाएंगे और उनके परिवारों को देशभर से श्रद्धांजलि दी जा रही है।
इन जवानों की वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी और भारतीय सेना के इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण अभियान के रूप में याद किया जाता है जिसमें जवानों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का पालन किया और देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इन सभी शहीदों को देश हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद करता रहेगा। उनका बलिदान अमर रहेगा।
Location : New Delhi
Published : 26 June 2026, 11:10 AM IST