
नेपाल त्रासदी के बीच अपनों को ढूंढने की अनोखी पहल (Img- AI)
New Delhi: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने जहां भारी तबाही मचाई है, वहीं सैकड़ों भारतीय परिवारों के लिए अपने करीबियों का पता लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस मानवीय संकट को देखते हुए भारत सरकार के गृह और विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला किया है।
अब बाढ़ में लापता हुए भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए अत्याधुनिक 'डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग' तकनीक का सहारा लिया जाएगा, जिससे लाचार परिवारों को अपने अपनों की खोज में एक नई उम्मीद मिली है।
नेपाल में आई इस आपदा में 1,200 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। नेपाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पानी और मलबे में कई दिन दबे रहने के कारण शव बेहद खराब स्थिति में मिले हैं।
कई मामलों में केवल आंशिक अवशेष ही बरामद हुए हैं। इस जटिल स्थिति से निपटने के लिए भारत ने अपनी 19 सदस्यीय फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम काठमांडू भेजी है, जो नेपाली पुलिस के साथ मिलकर ऑटोसोमल एसटीआर (Autosomal STR) तकनीक से पहचान में जुटी है।
लापता लोगों के जैविक रिश्तेदारों- जैसे माता, पिता, बच्चे, भाई या बहन से Biological Samples लिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इसके लिए केंद्रीय और राज्य फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) की लैब्स को भी अधिकृत किया है। तमिलनाडु समेत कई राज्य सरकारों ने पीड़ितों की सहूलियत के लिए स्थानीय स्तर पर मुफ्त जांच की व्यवस्था शुरू की है।
तैयार डीएनए प्रोफाइल को नेपाल पुलिस की आधिकारिक ईमेल (dnacodis@nepalpolice.gov.np) पर भेजा जाएगा, जिसकी एक कॉपी काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास (eoikathmandufloodsupport@gmail.com) को भी भेजी जाएगी। इसके अलावा, पीड़ित परिवार किसी भी आपातकालीन जानकारी के लिए नेपाल पुलिस के हेल्पलाइन नंबर (+977 9841 6160 95) पर सीधा संपर्क कर सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 4 September 2026, 9:32 AM IST