नेपाल में तबाही के बीच 468 लोग लापता! भारतीयों को लेकर क्यों बढ़ी चिंता, सामने आई बड़ी जानकारी

नेपाल में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बड़ी संख्या में पर्यटकों और यात्रियों से संपर्क टूटने के बाद चिंता बढ़ गई है। प्रभावित लोगों के परिजनों की मदद के लिए भारत में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आखिर जमीनी हालात कितने गंभीर हैं?

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 August 2026, 9:31 AM IST

New Delhi: नेपाल और तिब्बत से सटे सीमावर्ती इलाकों में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के प्रवक्ता सूरज घिमिरे के अनुसार, कुल 468 लोग आउट ऑफ कॉन्टैक्ट बताए गए हैं। इनमें 393 विदेशी नागरिक और 75 नेपाली नागरिक शामिल हैं।

भारतीय पर्यटकों को लेकर बढ़ी चिंता

नेपाल में लापता विदेशी पर्यटकों में बड़ी संख्या भारतीयों की बताई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 105 से 133 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें ज्यादातर लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा या ट्रेकिंग के लिए नेपाल पहुंचे थे।

बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल के रसुवा, धादिंग और नुवाकोट समेत कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण कई लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

ग्लेशियर फटने से आई अचानक बाढ़

बताया जा रहा है कि तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में ग्लेशियर से जुड़ी अचानक बाढ़ की घटना के बाद हालात बिगड़े। तेज बहाव ने कई इलाकों को प्रभावित किया।

बाढ़ की चपेट में तिमुरे मार्केट, रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय, पुलिस चौकियां, बस्तियां, वाहन और प्रमुख पुल आए हैं। कई जगहों पर सड़क संपर्क टूट गया है।

165 से ज्यादा मौतों की पुष्टि

नेपाल और चीन के प्रभावित क्षेत्रों को मिलाकर अब तक कम से कम 165 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। चीन की तरफ भी करीब 558 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। वहीं ब्रिटेन के कम से कम 33 नागरिक भी लापता लोगों की सूची में बताए जा रहे हैं।

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राहत-बचाव में जुटी नेपाल की टीमें

प्रभावित इलाकों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। फंसे हुए लोगों को निकालने और मेडिकल सहायता पहुंचाने के लिए 15 हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।

भारतीयों के लिए ओडिशा सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम

नेपाल में फंसे या लापता भारतीय नागरिकों और ओडिशा के लोगों के परिजनों की सहायता के लिए ओडिशा सरकार ने नई दिल्ली स्थित ओडिशा निवास में 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह व्यवस्था विदेश मंत्रालय की सलाह के बाद शुरू की गई है।

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ये हैं हेल्पलाइन नंबर

ओडिशा सरकार के कंट्रोल रूम के लिए +91-7428135044, +91-8527580245 और लैंडलाइन 011-23012807 जारी किए गए हैं। नोडल अधिकारी प्रीतिश पांडा का नंबर +91-9583321964 है।

इसके अलावा विदेश मंत्रालय की नेपाल हेल्पलाइन के लिए +977-9851316807 और +977-9709107500 नंबर जारी किए गए हैं।

ओडिशा के अधिकारी विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में हैं। अब राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचना और उनसे संपर्क स्थापित करना है।

Location :  New Delhi

Published :  27 August 2026, 9:30 AM IST