
सौरव दास की नागरिकता पर उठे सवाल (IMG: Dynamite News)
Chennai: मद्रास हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर सक्रिय सौरव दास की नागरिकता की जांच और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कांचीपुरम के व्यवसायी गणेश कुमार की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी समेत 10 अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका में सौरव दास की नागरिकता, पारिवारिक पृष्ठभूमि, पासपोर्ट और आधार कार्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई है। हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।
कांचीपुरम जिले के व्यवसायी गणेश कुमार ने अपनी याचिका में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को निर्देश देने की मांग की है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय सह-संयोजक योगेश शर्मा उर्फ सौरव दास और उनके माता-पिता की पृष्ठभूमि की विस्तृत, निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। याचिकाकर्ता का दावा है कि सौरव दास की मूल जड़ें नेपाल से जुड़ी हो सकती हैं। उन्होंने इस दावे की सच्चाई का पता लगाने और उनकी नागरिकता से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि सौरव दास सोशल मीडिया के माध्यम से न्यायपालिका और न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
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याचिकाकर्ता गणेश कुमार ने अदालत से मांग की है कि जांच में यदि सौरव दास के खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं तो उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द करने की कार्रवाई की जाए। मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ के सामने यह जनहित याचिका सुनवाई के लिए आई थी। अदालत ने मामले में केंद्र सरकार, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले में छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल किया जाना है।
याचिका में इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार मंत्रालय से भी हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। गणेश कुमार ने सौरव दास के नाम से संचालित ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट्स को ब्लॉक करने का निर्देश देने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने अदालत से अपील की है कि सौरव दास को सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका के न्यायाधीशों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक बयान देने से रोका जाए।
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गणेश कुमार ने याचिका में सौरव दास को मिलने वाली आर्थिक मदद और फंडिंग के स्रोतों की जांच कराने की मांग भी उठाई है। उनका आरोप है कि यदि नेपाल से जुड़ी नागरिकता संबंधी जानकारी सही साबित होती है, तो यह भी जांच का विषय होगा कि योगेश शर्मा ने कथित तौर पर अपनी पहचान से जुड़े तथ्यों को छिपाकर भारत में आधार कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट कैसे हासिल किया।
Location : Chennai
Published : 30 October 2026, 6:41 PM IST