
पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज (Img: Pinterest)
Kolkata: सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार अब अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। विधानसभा चुनावों से पहले BJP ने सत्ता में आने के छह महीने के भीतर UCC लागू करने का वादा किया था और सरकार अब इसी समय-सीमा के भीतर कानून लाने की तैयारी कर रही है।
प्रस्तावित UCC का मकसद अलग-अलग समुदायों पर लागू पर्सनल लॉ (व्यक्तिगत कानूनों) की जगह शादी, तलाक, गोद लेने और विरासत जैसे नागरिक मामलों के लिए एक समान कानूनी ढांचा लाना है। सरकार का तर्क है कि इससे कानूनों में एकरूपता आएगी और सभी नागरिकों को समान अधिकार सुनिश्चित होंगे। प्रस्तावित कानून के लिए कई अहम प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है, जिसमें बहुविवाह पर रोक भी शामिल है। लिव-इन रिलेशनशिप और परिवार से जुड़े अन्य कानूनी मामलों को भी इसके दायरे में लाने की योजना है।
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UCC का ड्राफ्ट फाइनल करने से पहले, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। कमेटी को प्रस्तावित कानून की समीक्षा करने और अपनी सिफारिशें सौंपने का काम सौंपा गया है। सरकार ने गुजरात, असम और उत्तराखंड के UCC से जुड़े कानूनों और प्रस्तावित मॉडलों का अध्ययन भी शुरू कर दिया है। जुलाई में कैबिनेट ने इस समीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के फैसले को मंज़ूरी दी थी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि आदिवासी और कुर्मी समुदायों साथ ही लंबे समय से चली आ रही और मान्यता प्राप्त परंपराओं वाले अन्य मूल समूहों को प्रस्तावित UCC के प्रावधानों से छूट दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इन समुदायों की पारंपरिक व्यवस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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UCC के साथ-साथ राज्य सरकार ने जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और कथित अवैध जमीन के लेन-देन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का इरादा भी जाहिर किया है। सितंबर में मुख्यमंत्री ने भविष्य में कई नए कानून लाने की बात कही थी। इस बीच तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने UCC को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं। विपक्ष का तर्क है कि पर्सनल लॉ धार्मिक आजादी और समुदायों की पहचान से जुड़े होते हैं। आने वाले दिनों में बंगाल में UCC का मुद्दा एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है जो महज एक कानूनी मामले से कहीं आगे तक फैल सकता है।
Location : Kolkata
Published : 4 October 2026, 4:52 PM IST