सत्य निकेतन हादसा मामले में किरण बेदी की एंट्री, केंद्र ने दिल्ली हाई कोर्ट में जताई आपत्ति

सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने से हुई 7 लोगों की मौत के मामले में पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट में पक्षकार बनने की मांग की है। केंद्र सरकार ने उनकी अर्जी का विरोध किया, जबकि अदालत ने कहा कि इसे टकराव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 18 September 2026, 9:12 AM IST

नई दिल्ली: पूर्व IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने सत्य निकेतन PG इमारत हादसा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने इस मामले में पक्षकार बनने की इच्छा जताते हुए अदालत में अर्जी दाखिल की है।

सत्य निकेतन इलाके में PG इमारत गिरने की घटना में 7 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में दायर याचिका में मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने और इमारतों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की गई है।

केंद्र सरकार ने किरण बेदी की अर्जी का किया विरोध

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में किरण बेदी की याचिका का विरोध किया। केंद्र की ओर से कहा गया कि बेदी सत्य निकेतन हादसे से जुड़े मुद्दों पर पहले ही अपनी राय जाहिर कर चुकी हैं।

सरकार का कहना है कि मामले को लेकर उनकी पहले से एक राय बन चुकी है। केंद्र अब इस आधार पर अपना विस्तृत जवाब अदालत में दाखिल करेगा।

अदालत ने कहा- मामले को टकराव के रूप में न लें

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने की। अदालत ने किरण बेदी के प्रशासनिक अनुभव को इस जनहित मामले में महत्वपूर्ण बताया।

कोर्ट ने कहा कि किरण बेदी एक जागरूक नागरिक हैं और उनके अनुभव का इस्तेमाल मामले में किया जा सकता है। अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि इस मामले को टकराव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

25 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि उन्हें किरण बेदी की अर्जी का विरोध करने के निर्देश मिले हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिया है। अदालत ने अभी किरण बेदी की अर्जी पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

सत्य निकेतन मामले में क्या है याचिका?

किरण बेदी जिस याचिका में पक्षकार बनने की मांग कर रही हैं, वह अनिकेत कुमार गुप्ता की ओर से दायर की गई है। यह याचिका सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद दाखिल की गई थी।

याचिका में हादसे में जान गंवाने वाले 7 लोगों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने और PG व हॉस्टल इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की गई है।

दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही MCD को मामले की जांच के निर्देश दे चुका है। किरण बेदी ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का सुझाव दिया है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों और जनहित से जुड़े लोगों को शामिल करने की बात कही गई है।

Location :  New Delhi

Published :  18 September 2026, 9:12 AM IST