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चांद के दीदार के लिए महिलाओं ने अपनाया डिजिटल तरीका
New delhi: देशभर में गुरुवार को करवा चौथ का त्योहार पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा। दिनभर भूखे-प्यासे रहकर महिलाओं ने शाम को विधि-विधान से पूजा की और चांद निकलने का इंतजार किया। हालांकि, दिल्ली-NCR, लखनऊ और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और आसमान में छाए बादलों ने चांद के दीदार में परेशानी खड़ी कर दी।
करवा चौथ पर महिलाओं के लिए चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, शाम को पूजा करने के बाद महिलाएं छलनी से चांद और फिर अपने पति का चेहरा देखकर व्रत खोलती हैं। लेकिन इस बार मौसम ने कई जगह महिलाओं का इंतजार लंबा कर दिया। बारिश और घने बादलों के कारण आसमान में चांद साफ दिखाई नहीं दिया।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन करने में परेशानी हुई। काफी देर तक आसमान की ओर नजरें टिकाए रखने के बावजूद जब चांद नहीं दिखा तो महिलाओं ने दूसरा रास्ता अपनाया।
खराब मौसम के बीच तकनीक महिलाओं के काम आई। कई महिलाओं ने मोबाइल फोन पर चांद की तस्वीरें और वीडियो देखकर पूजा की। ऑनलाइन उपलब्ध चंद्रमा की तस्वीरों के जरिए महिलाओं ने अर्घ्य देने और व्रत खोलने की रस्म पूरी की।
दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाओं के लिए चांद का इंतजार खास होता है। ऐसे में मौसम की बाधा के बावजूद उन्होंने अपनी परंपरा और आस्था के साथ त्योहार मनाया। कई जगह मोबाइल स्क्रीन पर चंद्रमा के दर्शन कर महिलाओं ने व्रत खोला।
करवा चौथ के इस मौके पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। जहां पहले महिलाएं छतों और खुले स्थानों पर चांद निकलने का इंतजार करती थीं, वहीं इस बार कई जगह मोबाइल फोन भी चांद के दीदार का जरिया बन गया।
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हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर मौसम और चांद दिखाई देने की स्थिति अलग रही। बारिश और बादलों के कारण परेशान हुई महिलाओं के लिए मोबाइल पर चांद देखना एक विकल्प बना। इस तरह मौसम की बेरुखी के बावजूद करवा चौथ का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
परंपरा में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। चांद न दिखे तो प्रतीकात्मक आकृति बनाकर पूजा करने और चंद्रदेव को याद करने का विकल्प बताया जाता है, पर फैसला पारिवारिक परंपरा या स्थानीय धार्मिक मार्गदर्शन के हिसाब से होता है।
Location : New delhi
Published : 30 October 2026, 6:18 AM IST