Karwa Chauth 2026: क्या कुंवारी लड़कियां रख सकती हैं करवा चौथ पर व्रत? सुहागिनों से अलग होता है नियम

क्या कुंवारी लड़कियां मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं? जानिए अविवाहित लड़कियों के लिए सरगी, पूजा और व्रत खोलने से जुड़े नियम...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 27 October 2026, 10:29 AM IST
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New Delhi: करवा चौथ का व्रत आते ही सुहागिन महिलाओं के साथ-साथ अविवाहित लड़कियों के मन में भी कई सवाल उठने लगते हैं। शादीशुदा महिलाएं जहां पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, वहीं कुछ कुंवारी लड़कियां मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा से उपवास करती हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या अविवाहित लड़कियां भी करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं? अगर हां, तो उनके लिए सरगी, पूजा और व्रत खोलने के नियम क्या हैं?

क्या कुंवारी लड़कियां रख सकती हैं करवा चौथ?

करवा चौथ मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं का व्रत माना जाता है। हालांकि, कुछ अविवाहित लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत रखती हैं। उनके मुताबिक, कुंवारी कन्याओं के लिए करवा चौथ का व्रत रखना अनिवार्य नहीं है। यदि कोई लड़की अपनी आस्था और इच्छा से व्रत रखना चाहती है, तो वह रख सकती है।

Karwa Chauth 2026

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कुंवारी लड़कियों के लिए सरगी का क्या है नियम?

करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं आमतौर पर सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं। इसके बाद व्रत शुरू होता है और परंपरा के अनुसार चंद्रोदय के बाद पूजा करके व्रत खोला जाता है। अविवाहित लड़कियों के लिए सरगी को लेकर कोई एक तय नियम नहीं है। इसलिए उन्हें अपनी पारिवारिक परंपरा और मान्यताओं के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। सरगी को लेकर अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में रीति-रिवाज भिन्न हो सकते हैं।

करवा चौथ की पूजा कैसे करें?

करवा चौथ के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लेती हैं। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है। इस दौरान करवा चौथ की कथा सुनने और पूजा की थाली सजाने की परंपरा है। सुहागिन महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार भी करती हैं। हालांकि, पूजा की विधि और श्रृंगार से जुड़े रीति-रिवाज परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। अविवाहित लड़कियां भी अपनी आस्था के अनुसार पूजा कर सकती हैं।

चांद देखकर कैसे खोलें व्रत?

परंपरागत रूप से सुहागिन महिलाएं चंद्रमा के दर्शन करके अर्घ्य देती हैं और फिर अपने पति का चेहरा देखकर व्रत खोलती हैं। अविवाहित लड़कियों के मामले में पति का चेहरा देखने की परंपरा लागू नहीं होती। वे अपनी पारिवारिक मान्यता या पूजा कराने वाले जानकार की सलाह के अनुसार व्रत खोलने की विधि तय कर सकती हैं। ध्यान रखें कि निर्जला व्रत रखना हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होता। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

क्या कुंवारी लड़कियों के लिए व्रत जरूरी है?

नहीं, अविवाहित लड़कियों के लिए करवा चौथ का व्रत रखना जरूरी नहीं है। कुछ लड़कियां इसे अपनी आस्था और मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से रखती हैं। इसके नियमों को लेकर एक समान परंपरा सभी जगह लागू हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए व्रत रखने से पहले अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं को समझना बेहतर है।

Location :  New Delhi

Published :  27 October 2026, 10:29 AM IST

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