Karnataka CM Row: सिद्धारमैया के घर नाश्ते पर मिले शिवकुमार, CM पद पर सियासी खींचतान जारी, क्या अब मिलेगा समाधान?

कर्नाटक में सीएम पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार शनिवार सुबह सीएम सिद्धारमैया के घर नाश्ते पर पहुंचे। कांग्रेस हाईकमान ने दोनों नेताओं को विवाद खुद सुलझाने के निर्देश दिए हैं। जानें राजनीतिक मायने।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 29 November 2025, 11:06 AM IST
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Bengaluru: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। शनिवार सुबह डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अपने सहयोगी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के घर नाश्ते के लिए पहुंचे। यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच सीएम पद को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा है।

हाईकमान ने दिया साफ संदेश: खुद सुलझाएं विवाद

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी हाईकमान ने दोनों नेताओं से अलग-अलग बात की है और स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस विवाद को वे खुद आपस में मिलकर सुलझाएं। दिल्ली से कोई हस्तक्षेप नहीं होगा, और समाधान दोनो नेताओं को मिलकर निकालना है।

इसके बाद सिद्धारमैया ने शुक्रवार को बयान दिया था कि उन्होंने शिवकुमार को नाश्ते के लिए बुलाया है और इसी मुलाकात में सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी नीतियां और निर्णय हमेशा हाईकमान के निर्देशों के अनुरूप रहेंगे।

विधानसभा सत्र से पहले समाधान जरूरी

कर्नाटक विधानसभा का अगला सत्र 8 दिसंबर से शुरू होगा, और पार्टी चाहती है कि उससे पहले यह विवाद शांत हो जाए। इसलिए यह नाश्ता-मीटिंग सियासी हलकों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्यों बढ़ा दोनों नेताओं के बीच तनाव?

  • पिछले कुछ महीनों से कर्नाटक कांग्रेस में सीएम पद को लेकर अंदरूनी संघर्ष लगातार बढ़ रहा है।
  • पिछले हफ्ते डीके शिवकुमार ने खुलकर कहा था कि वे मुख्यमंत्री बनने की जल्दबाजी में नहीं हैं, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं में इसको लेकर उत्साह है।
  • दूसरी ओर सिद्धारमैया, जो ओबीसी कुरुबा समुदाय के सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं, दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंक पर भी उनकी पकड़ मजबूत है।
  • वहीं शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं और खुद को सीएम पद के प्रमुख दावेदार के रूप में मजबूती से रखना चाहते हैं।
  • राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक कांग्रेस सरकार में दो शक्तिशाली नेताओं का यह संघर्ष पार्टी के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

नाश्ता-मीटिंग के राजनीतिक मायने

सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच यह मुलाकात महज एक औपचारिक नाश्ता नहीं बल्कि कांग्रेस सरकार की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण कदम है। माना जा रहा है कि हाईकमान चाहता है कि दोनों नेता मिलकर सत्ता-साझेदारी की शर्तों पर स्पष्टता लाएं और आपसी विश्वास बनाए रखें।

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  • Bengaluru

Published : 
  • 29 November 2025, 11:06 AM IST