HoneyTrape: सोशल मीडिया के जाल से पाकिस्तानी महिला ने नौसैनिक को फांसा और गोपनीय जानकारी की हासिल

Indian Navy Spy Case में नौसेना के नाविक प्रदीप मुखर्जी को पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंट को संवेदनशील रक्षा जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के जरिए कथित हनीट्रैप में फंसा था। उससे नौसैनिक गतिविधियों और विशाखापत्तनम बेस से जुड़ी जानकारी साझा करने का आरोप है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 October 2026, 8:16 AM IST

New Delhi: भारतीय नौसेना के एक नाविक पर पाकिस्तान की महिला खुफिया एजेंट को संवेदनशील रक्षा जानकारी देने का गंभीर आरोप लगा है। आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) सेल ने तीन अक्टूबर को कोयंबटूर स्थित नौसेना प्रशिक्षण केंद्र आईएनएस अग्रणी से 31 वर्षीय प्रदीप मुखर्जी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मामला सोशल मीडिया के जरिए हुए कथित हनीट्रैप से जुड़ा है।

2014 में नौसेना में हुआ था शामिल

पश्चिम बंगाल निवासी प्रदीप मुखर्जी वर्ष 2014 में नौसेना में शामिल हुआ था। वह वर्तमान में विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान में तैनात था। बताया गया कि वह कोयंबटूर में एक मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स में हिस्सा लेने के लिए पहुंचा था। इसी दौरान काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

महिला ने सोशल मीडिया पर बनाया संपर्क

पुलिस के मुताबिक, कुछ महीने पहले एक पाकिस्तानी महिला ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदीप से संपर्क किया था। शुरुआत में दोनों के बीच बातचीत हुई और धीरे-धीरे कथित तौर पर नजदीकियां बढ़ीं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसी ऑनलाइन संपर्क का इस्तेमाल उसे हनीट्रैप में फंसाने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए किया गया।

विशाखापत्तनम बेस से जुड़ी जानकारी लीक करने का आरोप

जांच के अनुसार, प्रदीप ने कथित तौर पर सामरिक नौसैनिक संपत्तियों, बेड़े की गतिविधियों और विशाखापत्तनम स्थित नौसैनिक बेस से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा कीं। हालांकि, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने कितनी और किस स्तर की जानकारी साझा की थी।

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मजिस्ट्रेट के सामने पेशी, विजयवाड़ा ले जाया गया

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया और ट्रांजिट वारंट हासिल किया। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए विजयवाड़ा स्थित इंटेलिजेंस मुख्यालय ले जाया गया। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया संपर्क, बातचीत और कथित तौर पर साझा की गई सूचनाओं के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस संपर्क के पीछे कौन लोग थे और संवेदनशील रक्षा जानकारी हासिल करने के लिए किस तरह का नेटवर्क काम कर रहा था।

Location :  New Delhi

Published :  5 October 2026, 8:16 AM IST