23 दल, एक एजेंडा और मोदी सरकार निशाने पर! आज इंडिया गठबंधन की अहम बैठक पर सबकी नजर

दिल्ली के संविधान क्लब में इंडिया गठबंधन की अहम बैठक आज होने जा रही है। 23 दल शामिल होंगे, लेकिन डीएमके और कुछ अन्य सहयोगियों की नाराजगी ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या विपक्ष 2029 की रणनीति पर एकजुट हो पाएगा?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 June 2026, 9:30 AM IST

New Delhi: देश के बदलते राजनीतिक हालात और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा के लिए इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आज (8 जून) नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आयोजित होगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी है कि इस बैठक में गठबंधन के 23 राजनीतिक दलों ने भाग लेने की पुष्टि की है। बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी और इसमें राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने पर चर्चा की जाएगी।

2029 लोकसभा चुनाव पर रहेगा फोकस

इंडिया गठबंधन की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी दल आगामी राजनीतिक चुनौतियों और 2029 के लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। बैठक में भविष्य की कार्ययोजना, विपक्षी एकता और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

जयराम रमेश ने कहा कि भारत की तरह ही इंडिया गठबंधन भी अपनी विविधता के बावजूद एकजुट है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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कुछ दलों ने बैठक में शामिल होने में जताई असमर्थता

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन दलों ने मोदी सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली का विरोध जारी रखने की बात कही है।

वहीं तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने भी बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन एक साझा उद्देश्य और स्पष्ट इरादे के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के दल सौहार्दपूर्ण माहौल में इस बैठक को लेकर उत्साहित हैं।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों भारतीयों के मतदान के अधिकार को कमजोर कर रही है और संविधान की मूल भावना पर लगातार आघात कर रही है। इसके अलावा विपक्षी नेताओं को जांच एजेंसियों के जरिए निशाना बनाने, बढ़ती महंगाई से आम जनता का बजट बिगड़ने, युवाओं की उम्मीदों को झटका लगने और निवेश के माहौल को प्रभावित करने जैसे आरोप भी लगाए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही है, जिस पर विपक्षी दलों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

गठबंधन के भीतर बढ़ा तनाव

हालांकि बैठक से पहले इंडिया गठबंधन के कुछ घटक दलों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने तमिलनाडु में कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया है।

सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों में तनाव बढ़ा है। इसी वजह से डीएमके ने इस बैठक में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है।

कांग्रेस और वाम दलों के बीच भी नाराजगी

गठबंधन में शामिल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी कांग्रेस के कुछ नेताओं की टिप्पणियों से नाराज बताई जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा केरल में वाम दलों और भाजपा के बीच कथित राजनीतिक मिलीभगत के आरोप लगाए गए थे।

बताया जा रहा है कि माकपा महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। वाम दलों का मानना है कि इस तरह के आरोप गठबंधन की एकता को कमजोर कर सकते हैं।

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कई राज्यों में बदले राजनीतिक समीकरण

हाल के विधानसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों ने विपक्षी राजनीति को नई दिशा दी है। ऐसे में इस बैठक को विपक्षी दलों के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

इस बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने सार्वजनिक रूप से खुद को इंडिया गठबंधन से अलग कर लिया है। वहीं डीएमके द्वारा बैठक के बहिष्कार के फैसले ने भी गठबंधन के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

इंडिया गठबंधन के 23 दल

बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी-एसपी, सीपीएम, सीपीआई, आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक, मुस्लिम लीग, वीसीके, भाकपा माले, एमडीएमके, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (हनुमान बेनीवाल), केरल कांग्रेस, वीआईपी पार्टी, केरल कांग्रेस (मणि), बाप पार्टी और लोकदल (सुनील सिंह) सहित कुल 23 दल शामिल होंगे।

गठबंधन की इस बैठक पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें विपक्ष की आगामी रणनीति और एकजुटता की दिशा तय होने की संभावना है।

Location :  New Delhi

Published :  8 June 2026, 9:30 AM IST