
प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
New Delhi: दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। सीमित बजट में जीवन यापन करने वाले इन छात्रों पर गैस की बढ़ती कीमतों और अनियमित सप्लाई ने अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। दिल्ली के मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर, कटवारिया सराय और साकेत जैसे इलाकों में रहने वाले छात्रों को सिलिंडर के लिए 5 से 7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
यूपीएससी और एसएससी की तैयारी कर रहे छात्रों के अनुसार, समय पर गैस न मिलने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। छात्रों का कहना है कि सिलेंडर खत्म होने के बाद उन्हें कई दिनों तक बाहर खाना खाना पड़ा, जिससे खर्च दोगुना हो गया। वहीं, कुछ स्थानीय विक्रेता इस स्थिति का फायदा उठाकर ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेच रहे हैं।
गैस संकट केवल आर्थिक परेशानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई पर भी असर डाल रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर चिंता उनकी एकाग्रता को प्रभावित कर रही है। कई छात्र अब सस्ते ढाबों या टिफिन सेवाओं पर निर्भर हो गए हैं, जिससे उनकी सेहत पर भी असर पड़ रहा है।
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स्थिति से निपटने के लिए छात्र अब इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक कुकर और साझा रसोई जैसे विकल्प अपना रहे हैं। हालांकि, बिजली के बढ़ते बिल और उपकरणों की लागत इन विकल्पों को भी चुनौतीपूर्ण बना रही है। कई छात्र खर्च बचाने के लिए एक ही सिलेंडर साझा कर रहे हैं।
गैस की बढ़ती कीमतों का असर स्थानीय खाद्य बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ढाबों और छोटे रेस्तरां में खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं। पहले 5 रुपये में मिलने वाली रोटी अब 10-12 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि दाल और थाली के दामों में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
राजधानी में अब लोग एलपीजी के बजाय पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को प्राथमिकता देने लगे हैं। जिन इलाकों में यह सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ता सिलिंडर के झंझट से बचने के लिए पीएनजी कनेक्शन ले रहे हैं। मार्च महीने में ही 3.42 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जुड़े हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार, पीएनजी न केवल सुविधाजनक है बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर है। यह एलपीजी की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है और खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक सकारात्मक विकल्प बनकर उभर रहा है।
Location : New Delhi
Published : 6 April 2026, 8:36 AM IST