Ganga Expressway पर फ्री सफर खत्म, 14 मई से लागू हुआ दूरी आधारित हाईटेक टोल सिस्टम,जानें डिटेल

गंगा एक्सप्रेसवे पर 14 मई से टोल वसूली शुरू हो गई है। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबे मार्ग पर दूरी आधारित टोल सिस्टम लागू किया गया है। कार, बस और ट्रकों के लिए अलग दरें तय हैं। MLFF तकनीक से बिना रुके तेज और डिजिटल सफर संभव होगा।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 15 May 2026, 11:38 AM IST

New Delhi: उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर अब मुफ्त यात्रा का दौर खत्म हो गया है। मेरठ से प्रयागराज तक फैले 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर 14 मई की रात 12 बजे के बाद से आधिकारिक रूप से टोल वसूली शुरू कर दी गई है। शुरुआत में कुछ दिनों तक यात्रियों को फ्री राइड की सुविधा दी गई थी, लेकिन अब यह अवधि समाप्त हो चुकी है। यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) ने टोल सिस्टम लागू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

दूरी के हिसाब से देना होगा टोल, FASTag आधारित सिस्टम लागू

गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका नया टोल कलेक्शन सिस्टम है। यहां यात्रियों से पूरे रूट का एक साथ टोल नहीं लिया जाएगा। बल्कि जितनी दूरी वाहन तय करेगा, उसी के हिसाब से भुगतान करना होगा। यह पूरा सिस्टम FASTag और आधुनिक कैमरों व सेंसर तकनीक पर आधारित होगा। जैसे ही वाहन एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करेगा, उसकी एंट्री अपने आप रिकॉर्ड हो जाएगी और एग्जिट पर दूरी के आधार पर टोल कटेगा।

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MLFF तकनीक से बिना रुके होगा सफर

इस एक्सप्रेसवे पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य ट्रैफिक को बिना रुके आगे बढ़ाना है। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी। हालांकि फिलहाल एग्जिट पॉइंट पर टोल बूथ से गुजरना पड़ सकता है, लेकिन भविष्य में इसे पूरी तरह फ्री फ्लो सिस्टम में बदलने की योजना है। इससे यात्रा और अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।

वाहनों के अनुसार टोल दरें तय

नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग वाहनों के लिए अलग टोल दरें तय की गई हैं। कार और निजी वाहनों के लिए टोल लगभग ₹2.55 प्रति किलोमीटर रखा गया है। इस हिसाब से मेरठ से प्रयागराज तक पूरा सफर करने पर कुल टोल लगभग ₹1,500 से ₹1,800 के बीच आएगा। वहीं बस और ट्रक जैसे वाहनों को करीब ₹2,405 तक का टोल देना होगा। भारी वाहनों, खासकर 7 या उससे अधिक एक्सल वाले ट्रकों के लिए यह राशि ₹9,500 से अधिक तक पहुंच सकती है।

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छोटे रूट पर कम टोल, लंबी दूरी पर ज्यादा शुल्क

यदि वाहन पूरे एक्सप्रेसवे की बजाय बीच के एग्जिट पॉइंट तक यात्रा करता है, तो उसे कम टोल देना होगा। उदाहरण के तौर पर मेरठ से सिंभावली तक कार का टोल लगभग ₹90 हो सकता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती जाएगी, टोल भी बढ़ता जाएगा। स्याना, हसनपुर, संभल और बदायूं जैसे मार्गों पर अलग-अलग दरें लागू होंगी।

दोपहिया वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध

गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा कारणों से दोपहिया वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

रोजाना हजारों वाहन कर रहे सफर

वर्तमान में इस एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन लगभग 12 से 14 हजार वाहन आवाजाही कर रहे हैं। यहां वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। बेहतर सड़क, कम ट्रैफिक और तेज यात्रा के कारण यह रूट यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कुल 12 एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स बनाए गए हैं, जिससे यात्री अपनी सुविधा के अनुसार सफर शुरू या खत्म कर सकते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  15 May 2026, 11:38 AM IST