एक-दो करोड़ नहीं, पूरे 280 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, इन जगहों पर पहुंची टीम

ED ने 290 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में कोलकाता और जयपुर के 11 ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान 41 लाख रुपये नकद, वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए। कार्रवाई Prime Pulse Limited और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ PMLA मामले में हुई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 September 2026, 12:24 PM IST

New Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 290 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने कोलकाता और जयपुर में 11 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान करीब 41 लाख रुपये की नकदी के साथ कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए हैं।

Prime Pulse Limited के खिलाफ ED की कार्रवाई

ED की यह कार्रवाई Prime Pulse Limited और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी के प्रबंधन पर फर्जी संस्थाओं और शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर बैंकों से कथित तौर पर बिना पर्याप्त गारंटी के करोड़ों रुपये का लोन लेने और रकम को दूसरी जगह डायवर्ट करने का आरोप है।

11 ठिकानों पर एक साथ पहुंची जांच एजेंसी

तलाशी अभियान के दौरान ED की टीमों ने कोलकाता और जयपुर में कई परिसरों की जांच की। कार्रवाई में 41 लाख रुपये की नकदी के अलावा महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े कागजात और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की पड़ताल कर रही है।

फर्जी संस्थाओं के जरिए लोन लेने का आरोप

जांच में आरोप है कि बैंक से रकम हासिल करने के लिए फर्जी संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया। ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर लिया गया बैंक लोन किन खातों और संस्थाओं के जरिए ट्रांसफर किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में भी ED का एक्शन

इससे पहले ED ने छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद सिंह और त्रिलोक सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार किया था। दोनों को रायपुर की विशेष अदालत ने ED हिरासत में भेजा था। जांच एजेंसी ने दोनों पर कथित तौर पर शराब घोटाले से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप लगाया था।

नकली होलोग्राम मामले में भी जांच

ED के अनुसार, अरविंद सिंह और त्रिलोक सिंह ढिल्लों का नाम कथित नकली होलोग्राम मामले में सामने आया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि अरविंद सिंह ने पहले खाली बोतलों की सप्लाई और फिर ट्रांसपोर्ट का काम किया, जबकि बाद में कथित तौर पर नकली होलोग्राम वाली शराब की सप्लाई से जुड़ा। वहीं त्रिलोक सिंह ढिल्लों पर कथित अवैध कमाई को ठिकाने लगाने में भूमिका निभाने का आरोप है।

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आगे की जांच में खुल सकते हैं कई राज

बैंक फ्रॉड मामले में ED की छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज और डिजिटल सबूत जांच के लिए अहम माने जा रहे हैं। एजेंसी इनसे कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े लेनदेन की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। मामले में आगे और कार्रवाई होने की संभावना है।

Location :  New Delhi

Published :  3 September 2026, 12:24 PM IST