Didi vs ECI: सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की दहाड़, SIR के खिलाफ आज रच सकती हैं नया इतिहास

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हो रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दे रही हैं और खुद अदालत में दलील रखने की तैयारी में हैं।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 4 February 2026, 11:35 AM IST

New Delhi: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज (4 फरवरी) देश के न्यायिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ सकती हैं। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी खुद अपने पक्ष की दलीलें रखने को तैयार हैं। यदि अदालत से अनुमति मिलती है, तो वह सुप्रीम कोर्ट में अपना केस खुद लड़ने वाली देश की पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बन जाएंगी।

SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई

जानकारी के अनुसार, चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। ये याचिकाएं मोस्तारी बानू और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ ब्रायन एवं डोला सेन द्वारा दायर की गई हैं।

SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं Mamata Banerjee, इनके खिलाफ की याचिका दायर

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मामले में अलग से याचिका दाखिल की है। हालांकि उनकी याचिका फिलहाल बुधवार की कॉज लिस्ट में शामिल नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह अदालत में मौजूद रहकर SIR के खिलाफ अपने तर्क रख सकती हैं।

कानून की पढ़ाई, खुद रख सकती हैं दलील

सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी के पास LLB की डिग्री है, जिससे उन्हें सुप्रीम कोर्ट में स्वयं बहस करने का अधिकार प्राप्त होता है। माना जा रहा है कि वह SIR प्रक्रिया में कथित खामियों, पारदर्शिता की कमी और आम मतदाताओं के अधिकारों के हनन को लेकर अदालत के सामने सीधा पक्ष रखेंगी।

SIR पर सुप्रीम कोर्ट के पहले निर्देश

गौरतलब है कि 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को लेकर कई अहम निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा था कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी मतदाता को अनावश्यक असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद ममता बनर्जी का आरोप है कि SIR से प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने और बचाव का अवसर नहीं दिया जा रहा।

दिल्ली में SIR पीड़ितों के साथ ममता

ममता बनर्जी मंगलवार को SIR से प्रभावित लोगों के साथ नई दिल्ली पहुंचीं और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि उन नागरिकों की प्रतिनिधि बनकर बोल रही हैं जिनके लोकतांत्रिक अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि "SIR पीड़ितों को अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया जा रहा।"

चुनाव आयोग से मुलाकात और टकराव

सोमवार को ममता बनर्जी TMC नेताओं के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने पहुंचीं थीं। हालांकि, बैठक के दौरान असंतोष जताते हुए वह बीच में ही बाहर निकल आईं। ममता ने आरोप लगाया कि उनके प्रतिनिधिमंडल का अपमान किया गया और चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।

SIR की टाइमिंग पर उठे सवाल

ममता बनर्जी ने SIR की टाइमिंग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि विधानसभा चुनावों से ठीक पहले यह प्रक्रिया क्यों शुरू की गई और वह भी केवल विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में। उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव होने के बावजूद SIR क्यों नहीं किया जा रहा।

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"यह लड़ाई रुकेगी नहीं"

चाणक्यपुरी स्थित 'बंग भवन' में ममता और अभिषेक बनर्जी ने SIR से प्रभावित मतदाताओं से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह लड़ाई उनके अधिकारों, गरिमा और लोकतांत्रिक आवाज के लिए है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक जारी रहेगी।

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Published : 
  • 4 February 2026, 11:35 AM IST