
शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा (Img: Dynamite News)
नई दिल्ली: जंतर मंतर पर काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मोदी सरकार को आखिरकार Gen Z के सामने झुकना पड़ा। शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
धर्मेद्र प्रधान ने अपने पद से ठीक ऐसे समय इस्तीफा दिया, जब काकरोच जनता पार्टी का डेलिगेशन तीसरी बार इस मामले पर सरकार से बातचीत करने वाला है।
Dharmendra Pradhan Resignation : धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- मैंने जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा#DharmendraPradhan #Resignation #DynamiteNews @dpradhanbjp pic.twitter.com/jUZT8oI8jC
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) July 25, 2026
धर्मेद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजा है। प्रधान ने खुद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है।
काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को एक माह होने वाला है और पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी पहली और सबसे बड़ी मांग रही।
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपना त्याग पत्र साझा किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि "मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा कि "3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा।
धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र में कहा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है। जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री को भेज दिया है।
Location : New Delhi
Published : 25 July 2026, 2:27 PM IST
Topics : CJP Protest Dharmendra Pradhan Education Minister Resignation Jantar Mantar Protest Paper Leak Protest