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(डीएफएस) ने फायर सेफ्टी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। (Img: pexels)
New Delhi: दिल्ली में हाल के महीनों में कई बड़े अग्निकांड सामने आए हैं। मालवीय नगर, पालम, विवेक विहार और गोविंदपुरी जैसी घटनाओं में लोगों की जान भी गई। इन हादसों के बाद दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर भवन मालिकों और संचालकों को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। डीएफएस ने कहा है कि जिन भवनों के पास वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (फायर NOC) नहीं है, वे जल्द से जल्द इसके लिए आवेदन करें। विभाग का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता-2026, दिल्ली फायर सर्विस अधिनियम-2007 और नियम-2010 के तहत कई श्रेणियों की इमारतों के लिए फायर NOC अनिवार्य की गई है। इनमें 15 मीटर से ऊंचे आवासीय और व्यावसायिक भवन, 12 मीटर से ऊंचे होटल और गेस्ट हाउस, 9 मीटर से ऊंचे स्कूल, कॉलेज, संस्थागत और वाणिज्यिक भवन शामिल हैं। इसके अलावा 250 वर्गमीटर से बड़े औद्योगिक, सभा और भंडारण भवनों को भी फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 100 वर्गमीटर से बड़े खतरनाक गतिविधियों वाले भवनों और दो या उससे अधिक स्तर वाले बेसमेंट वाले भवनों के लिए भी फायर NOC आवश्यक होगी।
DFS अधिकारियों के अनुसार आवासीय भवनों (होटलों को छोड़कर) के लिए जारी फायर NOC की वैधता पांच वर्ष होती है। वहीं होटल और अन्य गैर-आवासीय भवनों के लिए यह प्रमाणपत्र तीन वर्ष तक मान्य रहता है। प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने के बाद भवन मालिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इसका नवीनीकरण करा सकते हैं।
बुधवार सुबह दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन स्थित एक रेस्तरां में आग लग गई। दमकल विभाग को सुबह 6:10 बजे सूचना मिली, जिसके बाद कई दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।अधिकारियों के अनुसार आग रेस्तरां के भूतल पर रखे फर्नीचर और बर्तनों तक सीमित रही। करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद सुबह 6:50 बजे आग पर काबू पा लिया गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकारियों का कहना है कि यदि यह आग शाम के समय लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
राजस्व विभाग की जांच में राजधानी के कई इलाकों में ऐसे होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान मिले जो बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे थे। 5 से 17 जून के बीच 844 स्थानों की जांच की गई। नरेला के ड्रीम रेजिडेंसी, होटल ब्लू स्टार और होटल निर्वाण समेत कई प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई। वहीं जनकपुरी, राजौरी गार्डन और अन्य इलाकों के कई होटल भी जांच के घेरे में आए। 17 जून को दिल्ली नगर निगम ने 26 स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 16 अवैध संपत्तियों को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
Location : New Delhi
Published : 18 June 2026, 3:11 PM IST