
भारत रत्न वैज्ञानिक सीएनआर राव को वोटर लिस्ट की गलती पर नोटिस(Img : pinterest)
New Delhi: भारत के जाने-माने वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित प्रोफेसर सीएनआर राव को कर्नाटक में चल रहे वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) के दौरान नोटिस जारी किया गया है। वजह कोई बड़ा विवाद नहीं, बल्कि मतदाता सूची में उनके नाम की स्पेलिंग में मामूली अंतर बताया जा रहा है। पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा मतदाता सूची में नाम अलग तरीके से दर्ज होने के कारण उन्हें पहचान संबंधी सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
बताया गया है कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची में उनका नाम "Prof C N R Rao" दर्ज था। वहीं वर्तमान मतदाता सूची में नाम की शुरुआत में एक अतिरिक्त 'f' जुड़ गया और यह "Proff C N R Rao" के रूप में दर्ज हो गया। नाम में इसी अंतर को SIR प्रक्रिया के दौरान सेल्फ नेम मिसमैच के तौर पर चिन्हित किया गया है।
SIR प्रक्रिया में सेल्फ नेम मिसमैच उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी मतदाता का नाम पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा मतदाता सूची में अलग तरीके से दर्ज मिलता है। खासतौर पर तब यह स्थिति सामने आती है जब 2002 की सूची में दर्ज जानकारी के आधार पर एन्यूमरेशन फॉर्म भरा जाता है, लेकिन वह जानकारी वर्तमान वोटर लिस्ट में मौजूद विवरण से मेल नहीं खाती।
Delhi SIR: वोटर लिस्ट में बड़ा उलटफेर! 47.7 लाख नाम ड्राफ्ट से बाहर, जानें कब आएगी फाइनल लिस्ट
ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता को अपनी पहचान और रिकॉर्ड स्पष्ट करने के लिए सुनवाई में शामिल होने का नोटिस दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत 92 वर्षीय प्रोफेसर सीएनआर राव को मल्लेश्वरम में IISc के आसपास निर्धारित स्थान पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। नियमों के मुताबिक इस तरह की सुनवाई में नोटिस प्राप्त व्यक्ति को ही उपस्थित होने की अनुमति होती है।
बेंगलुरु में जन्मे प्रोफेसर सीएनआर राव देश के प्रमुख वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2014 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वह देश का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाने वाले चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल हैं।
वोटर लिस्ट में नाम की स्पेलिंग से जुड़ी ऐसी समस्या केवल सीएनआर राव के मामले में सामने नहीं आई है। अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के नाम में भी इसी तरह की विसंगति सामने आने की जानकारी है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से उन्हें व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में उपस्थित होने से छूट दिए जाने की बात कही गई है।
कौन सी वोटर लिस्ट सही? 2024 के चुनाव और SIR 2026 के आंकड़ों को लेकर राहुल गांधी ने BJP को घेरा
सीएनआर राव के मामले में खास बात यह है कि रिकॉर्ड में अंतर केवल नाम में एक अतिरिक्त 'f' का है, लेकिन SIR की प्रक्रिया में ऐसी विसंगतियों का सत्यापन जरूरी माना जा रहा है। इसी वजह से वैज्ञानिक जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी नोटिस जारी होकर सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पुराने और वर्तमान रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। नाम, पता और अन्य विवरणों में अंतर मिलने पर संबंधित मतदाताओं से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। सीएनआर राव का मामला भी इसी प्रक्रिया के तहत सामने आया है।
Location : New Delhi
Published : 9 September 2026, 3:29 PM IST