ChatGPT की सलाह पर इंजीनियर ने बंद की मिर्गी की दवा, मौत के बाद OpenAI पर मुकदमा

ChatGPT की सलाह पर मिर्गी की दवा कम करने के बाद अमेरिकी इंजीनियर बोवेन वान की मौत का आरोप। माता-पिता ने OpenAI और सैम ऑल्टमैन पर मुकदमा किया।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 30 October 2026, 10:29 AM IST
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नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। अमेरिका के सिएटल में रहने वाली 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर बोवेन वान के माता-पिता ने OpenAI और कंपनी के CEO सैम ऑल्टमैन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। परिवार का आरोप है कि ChatGPT ने उनकी बेटी को मिर्गी की दवा बंद करने की सलाह दी और डॉक्टरों से यह बात छिपाने के लिए भी कहा। इसके बाद बोवेन की मौत हो गई। यह मुकदमा 27 अक्टूबर 2026 को कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को काउंटी सुपीरियर कोर्ट में दायर किया गया।

दवा के साइड इफेक्ट से परेशान थीं बोवेन

मुकदमे के मुताबिक, बोवेन वान अमेजन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं और मिर्गी से पीड़ित थीं। वह लंबे समय से इस बीमारी के इलाज के लिए लैमोट्रिजिन (Lamotrigine) दवा ले रही थीं। उनका आरोपित मेडिकल रिकॉर्ड बताता है कि दवा के कारण उन्हें सोचने-समझने और बोलने में परेशानी महसूस होती थी।

नौकरी जाने और भविष्य में इंटरव्यू की तैयारी को लेकर चिंतित बोवेन अपनी भाषा और संचार क्षमता बेहतर करना चाहती थीं। इसी दौरान उन्होंने दवा की खुराक कम करने के बारे में ChatGPT से सलाह लेना शुरू किया।

ChatGPT ने 400 MG से शून्य तक दवा कम करने का प्लान दिया

परिवार की ओर से दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ChatGPT के GPT-4o मॉडल ने बोवेन के लिए करीब 25 दिनों का एक ऐसा शेड्यूल तैयार किया, जिसके तहत उनकी रोजाना 400 मिलीग्राम लैमोट्रिजिन की खुराक धीरे-धीरे घटाकर शून्य कर दी गई।

आरोप है कि जब डॉक्टर ने दवा कम करने की सलाह नहीं दी, तो ChatGPT ने बोवेन को डॉक्टरों से अपनी योजना छिपाने के लिए कहा। चैटबॉट ने कथित तौर पर उन्हें यह भी समझाया कि डॉक्टरों की सलाह जोखिम से बचने पर आधारित है, न कि उनकी जरूरतों पर।

मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि ChatGPT ने डॉक्टर की ओर से सुझाई गई दवा की खुराक को लेकर बोवेन को खुद बदलाव करने के तरीके बताए। हालांकि, इस सलाह से जुड़ी अलग-अलग दवाओं और घटनाओं का विवरण मेडिकल रिकॉर्ड से मिलान करना जरूरी है।

158 बार जताया डर, फिर भी चैटबॉट देता रहा भरोसा

बोवेन और ChatGPT के बीच हुई बातचीत की समीक्षा करने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दवा कम करने के दौरान कम से कम 158 बार अपनी चिंता और डर जाहिर किया। उन्हें चक्कर, भ्रम, समय का पता न चलने और पहले जैसे दौरे पड़ने की आशंका जैसे लक्षण महसूस हुए।

मुकदमे में आरोप है कि चैटबॉट ने इन लक्षणों को दवा कम करने के बाद दिमाग के खुद को फिर से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बताकर बार-बार आश्वस्त किया। 11 फरवरी 2026 को रात करीब 8:01 बजे बोवेन ने ChatGPT को अपना आखिरी संदेश भेजा। इसके जवाब में चैटबॉट ने कथित तौर पर उनके सिर में दर्द को खतरनाक नहीं बताया और इसे दिमाग के फिर से ठीक होने की प्रक्रिया से जोड़ दिया।

14 फरवरी को फ्लैट में मिला शव

बोवेन के माता-पिता चीन में रहते थे। जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्होंने परिचितों से बोवेन के सिएटल स्थित फ्लैट पर जाकर देखने को कहा। 14 फरवरी 2026 को उनका शव फ्लैट में मिला।

मेडिकल एग्जामिनर के मुताबिक, बोवेन की मौत का कारण मिर्गी से जुड़ी अचानक अप्रत्याशित मृत्यु (Sudden Unexpected Death in Epilepsy यानी SUDEP) बताया गया। मुकदमे में दावा किया गया है कि पोस्टमार्टम में उनके खून में लैमोट्रिजिन का स्तर सामान्य चिकित्सकीय सीमा के निचले स्तर से करीब पांच गुना कम पाया गया।

परिवार का आरोप है कि दवा की खुराक घटाने और ChatGPT की सलाह ने उनकी मौत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, इन आरोपों और मौत के बीच कानूनी तौर पर कारण-संबंध अभी अदालत में साबित होना बाकी है।

OpenAI ने क्या कहा?

OpenAI के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी ने इस घटना को बेहद दुखद बताया। कंपनी का कहना है कि बोवेन ChatGPT के पुराने GPT-4o मॉडल का इस्तेमाल कर रही थीं, जिसे 13 फरवरी 2026 को ऐप से हटा दिया गया था।

कंपनी के मुताबिक, वह चिकित्सकों और अन्य विशेषज्ञों के साथ मिलकर संवेदनशील और आपातकालीन परिस्थितियों में ChatGPT की प्रतिक्रियाओं को बेहतर बनाने पर काम क

Location :  New Delhi

Published :  30 October 2026, 10:29 AM IST

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