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15 वर्षों से फाइलों में दबी है जलापूर्ति योजना इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सस्पेंस और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण यह है कि करीब 15 साल पहले ही इस क्षेत्र के लिए एक महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना को मंजूरी दी गई थी। ढांचा खड़ा किया गया, पाइपलाइन की बातें हुईं, लेकिन डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी यह योजना धरातल पर शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी लापरवाही और ठेकेदारों की उदासीनता के कारण पानी आज तक उनके घरों तक नहीं पहुंचा।
Published : 20 June 2026, 9:12 AM IST