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New Delhi: आजकल के बच्चे ज्यादातर सोशल मीडिया पर व्यस्त रहते हैं, लेकिन पेरेंट्स के लिए यह पता करना मुश्किल हो गया है कि बच्चे कब और क्या देख रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में आयोजित AI Summit में चर्चा तेज हो गई। सवाल उठ रहा है कि क्या भारत में भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया कंटेंट को सीमित या बैन किया जाएगा।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव का खुलासा
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने न्यूज चैनल्स से बात करते हुए बताया कि सरकार इस दिशा में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि समाज की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया कंपनियों से बातचीत जारी है और यह देखा जा रहा है कि किस तरह से सुरक्षा नियमों को लागू किया जा सके। मंत्री के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन खतरों से बचाव सर्वोपरि है।
फ्रांस के राष्ट्रपति ने की बड़ी घोषणा
AI Summit में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron भी मौजूद थे। उन्होंने साझा किया कि फ्रांस में बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जल्द ही बैन लागू किया जाएगा। इस कदम का मकसद बच्चों को ऑनलाइन खतरों और अवांछित कंटेंट से बचाना है।
भारत में क्या हो सकता है?
फ्रांस के उदाहरण के बाद भारत में भी यह सवाल चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों और पेरेंट्स का कहना है कि सोशल मीडिया की निगरानी और सुरक्षित कंटेंट को बढ़ावा देना जरूरी है। वहीं सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि बच्चों के लिए सुरक्षित नियमों का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन कैसे किया जाए।
पेरेंट्स और टेक्नोलॉजी का संतुलन
विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि केवल बैन करना ही समाधान नहीं है। इसके साथ-साथ पेरेंट्स को भी बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए। सुरक्षित कंटेंट और एडुकेशनल प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देकर बच्चों को तकनीक के सही इस्तेमाल की शिक्षा देना जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 21 February 2026, 11:14 AM IST