
असम में बहुविवाह करने वालों की नो एंट्री (Img: AI)
New Delhi: अगर आप एक शादी के रहते हुए दूसरी शादी करने की सोच रहे हैं, या एक से ज्यादा शादियां कर चुके हैं, तो संभल जाइए। अब सरकार ऐसे पुरुषों की 'बैंड' बजाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने अपने नए बजट (2026-27) में बहुविवाह (Polygamy) करने वालों के खिलाफ एक ऐसा जाल बिछाया है, जिससे निकलना नामुमकिन होगा।
अब राज्य में एक से ज्यादा शादी करने वाले पुरुषों को सरकारी सुविधाओं से पूरी तरह 'वंचित' कर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए लिया जा रहा है।
बजट प्रस्ताव के अनुसार, जो पुरुष एक से ज्यादा शादियां करते हैं, वे राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फ़ायदा नहीं उठा पाएंगे। इसके अलावा, आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों को कुछ सरकारी योजनाओं से बाहर रखने का प्रस्ताव भी दिया गया है। सरकार का मानना है कि सरकारी सुविधाएं कानून का पालन करने वाले नागरिकों के लिए ही होनी चाहिए।
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सरकार ने असम सेवा नियम, 1964 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी एक से ज्यादा शादी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें नौकरी से भी निकाला जा सकता है।
वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2.85 लाख रुपये करोड़ का बजट पेश किया। इस बजट में चाय के छोटे उत्पादकों के लिए राहत के उपाय, नेचुरल गैस पर वैट (VAT) में कटौती और जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन शामिल है।
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असम विधानसभा पहले ही एक से ज्यादा शादियों पर रोक लगाने वाला कानून पारित कर चुकी है। इस कानून के तहत, पहली शादी के रहते हुए दूसरी शादी करने पर सात साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। बजट में पेश किए गए नए प्रस्तावों के साथ, सरकार अब इस कानून को और भी सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है।
Location : New Delhi
Published : 10 July 2026, 7:11 PM IST