NEET 2026 पेपर लीक करने वाला 10 साल तक जेल में रहेगा, एक करोड़ रुपये का देना होगा जुर्माना!

NEET 2026 के रद्द होने के बाद पेपर लीक और परीक्षा धांधली पर देशभर में बहस तेज हो गई है। इसी बीच सरकार के नए सख्त कानून ने परीक्षा माफिया और नकल गिरोहों के खिलाफ बड़ा शिकंजा कस दिया है। छात्रों में जहां गुस्सा है, वहीं सिस्टम सुधार की उम्मीद भी जताई जा रही है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 12 May 2026, 4:41 PM IST

New Delhi: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 के रद्द होने के बाद परीक्षा प्रणाली पर सवाल और गहरे हो गए हैं। पेपर लीक और संगठित धांधली के आरोपों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। इसी बीच सरकार ने परीक्षा माफिया के खिलाफ ऐसा कानून लागू किया है, जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है।

पेपर लीक पर सख्त कानून लागू

Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 को सरकार ने परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए लागू किया है। यह कानून फरवरी 2024 में संसद से पास हुआ था और जून 2024 से प्रभाव में आ गया। इसका मकसद पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा माफिया पर पूरी तरह रोक लगाना है।

कड़ी सजा और भारी जुर्माना

नए कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति परीक्षा का पेपर लीक करता है या आंसर शीट से छेड़छाड़ करता है, तो उसे कम से कम 3 साल की जेल और अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है। इसके साथ ही दोषियों पर 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अदालत को यह अधिकार है कि वह जेल और जुर्माना दोनों एक साथ लागू कर सके।

गैर-जमानती अपराध और एजेंसियों पर कार्रवाई

इस कानून के तहत पेपर लीक को गैर-जमानती अपराध घोषित किया गया है, यानी आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी। अगर किसी परीक्षा एजेंसी या सर्विस प्रोवाइडर की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उस पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा और परीक्षा संचालन का पूरा खर्च तक वसूला जा सकता है।


संगठित गिरोहों पर बड़ा शिकंजा

अगर जांच में यह साबित होता है कि पेपर लीक किसी संगठित नेटवर्क या गैंग ने किया है, तो आरोपियों को 5 से 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माना भुगतना होगा। इसके अलावा उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है, ताकि इस तरह के अपराधों की आर्थिक जड़ें खत्म की जा सकें।

सभी परीक्षाओं पर लागू कानून

यह कानून सिर्फ NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि UPSC Civil Services Examination, SSC CGL Examination, रेलवे भर्ती और अन्य सभी केंद्रीय परीक्षाओं पर लागू होता है। सरकार का दावा है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और मेहनती छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

छात्रों में चिंता, सिस्टम पर सवाल

NEET 2026 के रद्द होने के बाद लाखों छात्र नई परीक्षा तारीख और आगे की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा भी है और सुधार की उम्मीद भी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सख्त कानून के बाद भी परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित हो पाएगी या नहीं।

Location :  New Delhi

Published :  12 May 2026, 3:52 PM IST